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बैतूल में नवरात्रि पर डीजे की तेज आवाज पर सख्ती:प्रशासन ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश; रात 10 से सुबह 6 बजे तक रोक




नवरात्रि पर्व के बीच बैतूल में तेज आवाज में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहे हैं। रविवार रात बैतूल में पुलिस अधिकारियों ने टिकारी स्थित सितारा मंडल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और डीजे की आवाज कम करवाकर संचालकों को नियमों का पालन करने की समझाइश दी। वहीं, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई निगरानी के दौरान एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, गंज थाना प्रभारी अमित पवार और कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया सितारा मंडल पहुंचे। अधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजकों तथा डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करने की हिदायत दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में आस्था और उल्लास के साथ आम नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है। नियमों के तहत ही डीजे बज सकेंगे
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जारी आदेश में कहा है कि धार्मिक, सामाजिक और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे, लाउडस्पीकर, बैंड सहित ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और लागू नियमों के अनुसार ही किया जा सकेगा। नगरीय क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम और ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार अथवा सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट निर्धारित प्रावधानों के तहत अनुमति देने के लिए अधिकृत होंगे। आयोजकों और ध्वनि यंत्र संचालकों को अनुमति की प्रति आयोजन स्थल पर रखनी होगी। पुलिस या सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के मांगने पर इसे तत्काल पेश करना होगा। अनुमति में कार्यक्रम का स्थान, तारीख, समय और अन्य शर्तें स्पष्ट रहेंगी। प्रशासन के आदेश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, बैंड, प्रेशर हॉर्न और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग लागू कानूनी प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित रहेगा। किसी वैधानिक अपवाद या छूट की स्थिति में संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी के आदेश का पालन करना होगा। चेतावनी- पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी
अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्कूल-कॉलेज, छात्रावास, न्यायालय और शासकीय कार्यालयों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों के इलाज, विद्यार्थियों की पढ़ाई और कार्यालयीन कामकाज पर असर न पड़े। आयोजकों को निर्धारित ध्वनि सीमा और अनुमति की शर्तों का पालन करना होगा। ध्वनि प्रदूषण या अनुमति की शर्तों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नवरात्रि के दौरान पुलिस की मैदानी निगरानी और जिला प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश से स्पष्ट है कि धार्मिक आयोजनों में शांति, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और आम लोगों की सुविधा को लेकर नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने आयोजन समितियों, नागरिकों और डीजे संचालकों से नियमों का पालन कर पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है।



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