Headlines

बोकारो में विश्वकर्मा पूजा पर महंगाई का असर:मूर्ति, मिठाई और गाड़ी धुलाई तक के दाम बढ़े, बुंदिया की डिमांड बढ़ी; बजट पर पड़ा असर




बोकारो में विश्वकर्मा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। औद्योगिक शहर बोकारो के कारखानों, गैराज, टेंपो व रिक्शा स्टैंड से लेकर चौक-चौराहों तक पूजा की धूम दिख रही है। शहर में विश्वकर्मा पूजा का खास महत्व है। हालांकि, इस बार बढ़ती महंगाई का असर पूजा के बजट पर भी साफ दिख रहा है। मूर्ति, मिठाई, तेल, चीनी और कारीगरों की मजदूरी बढ़ने से लोगों को पिछले साल के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। मूर्तिकार राजकुमार ने बताया कि इस बार विश्वकर्मा भगवान की मूर्तियां करीब 5 हजार रुपये से मिल रही हैं। मूर्तियों के दाम में 200 रुपए तक की बढ़ोतरी मूर्ति के आकार और कारीगरी के हिसाब से कीमत तय हो रही है। कारीगरों की मजदूरी और सामान की लागत बढ़ने के कारण मूर्तियों के दाम में करीब 150 से 200 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। बुंदिया की मांग काफी बढ़ी मिठाई कारोबार पर भी महंगाई का असर है। दुकानदारों के अनुसार, थोक में 25 किलो चीनी का पैकेट करीब 5700 रुपए में मिल रहा है, जबकि खुदरा बाजार में चीनी 70 रुपए किलो तक बिक रही है। बुंदिया बनाने वाले हलवाई ने बताया कि बीएसएल प्लांट क्षेत्र में विश्वकर्मा पूजा के दौरान बुंदिया की मांग काफी बढ़ जाती है। पिछले चार दिनों से बुंदिया बनाने का काम चल रहा है। बुंदिया विक्रेता प्रमोद कुमार ने बताया कि तेल, चीनी और कारीगरों की मजदूरी महंगी होने से लड्डू के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा, केला 80 रुपये दर्जन से बढ़कर 260 रुपये प्रति कांदी हो गया है और एक नारियल 80 रुपए का मिल रहा है। मोटरसाइकिल की धुलाई 70 रुपए और सर्विसिंग 250 रुपए तक पहुंच गई है। सेक्टर-1 स्थित श्रीराम मिठाई दुकान के रामेश्वर महतो ने बताया कि मिठाइयों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। रसगुल्ला 15 से बढ़कर 25 रुपए और रसमलाई भी 25 रुपए तक पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि तेल, चीनी, घी और कारीगरों की बढ़ी लागत का असर मिठाइयों की कीमत पर पड़ा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *