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हिमाचल भाजपा द्वारा विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजकों और सह-संयोजकों की हालिया नियुक्तियां संगठन के भीतर चर्चा का विषय बन गई है। चर्चा का कारण शिलाई विधानसभा के नेता कुलदीप सिंह राणा बने हैं, जिन्हें बीजेपी ने खेल प्रकोष्ठ शिलाई विधानसभा का संयोजक बनाया है। कुलदीप राणा की नियुक्ति से अंदरखाते पार्टी नेता नाराज है, क्योंकि शिलाई ब्लॉक और सिरमौर जिला भाजपा ने 30 जून 2023 को उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों के बाद छह साल के लिए निष्कासित किया था। अब पार्टी ने कुलदीप राणा का निष्कासन रद्द किए बगैर ही खेल प्रकोष्ठ की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कुलदीप राणा की यह नियुक्ति BJP के पूर्व विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के करीबी बलदेव तोमर के लिए झटका मानी जा रही है। चर्चा है कि शिलाई से कुलदीप राणा बीजेपी से टिकट के दावेदार हो सकते हैं। इस वजह से जयराम खेमे के नेताओं में नाराजगी देखी जा सकती है और हलचल है। कुलदीप राणा की नियुक्ति पर विवाद क्यों? विवाद, इसलिए गहरा गया है क्योंकि कुलदीप सिंह राणा पर दिसंबर 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बलदेव तोमर के खिलाफ काम करने और कांग्रेस उम्मीदवार हर्षवर्धन चौहान का समर्थन करने के आरोप लगे थे। रिजल्ट आने के बाद शिलाई में भाजपा कार्यकर्ताओं व बलदेव तोमर समर्थकों ने कुलदीप सिंह राणा के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। इसके बाद भाजपा मंडल और जिला कमेटी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित किया था। अब उसी नेता को BJP नेतृत्व ने खेल प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया है। दिलचस्प बात यह है कि अब तक उनकी औपचारिक बहाली का कोई सार्वजनिक आदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में पार्टी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि यदि निष्कासन का आदेश प्रभावी था तो बिना बहाली के संगठनात्मक जिम्मेदारी कैसे दी गई। स्थानीय नेतृत्व भी असहज इस नियुक्ति से शिलाई भाजपा का स्थानीय नेतृत्व भी सहज नजर नहीं आ रहा। पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने ‘दैनिक भास्कर एप’ से कहा कि नियुक्ति से पहले उनसे कोई राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को पार्टी के उचित मंच पर उठाएंगे। उन्होंने माना कि कुलदीप राणा छह साल के लिए निष्कासित थे। कुलदीप की तैनाती से पहले शिलाई मंडल को नहीं पूछा: इंद्र शिलाई भाजपा मंडल अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार- निष्कासित कुलदीप राणा की पार्टी में वापसी नहीं हुई थी। उन्होंने माना कि इस नियुक्ति से पहले शिलाई मंडल को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई। वह इस विषय को उचित प्लेटफॉर्म पर उठाएंगे। जब निष्कासन ही नहीं तो बहाली किस बात की: बिंदल इसे लेकर जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इस पर कमेंट नहीं करेंगे, क्योंकि कुलदीप का जब निष्कासन ही नहीं हुआ तो बहाली का सवाल ही नहीं उठता।
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भाजपा ने निष्कासित कुलदीप राणा को बड़ी जिम्मेदारी दी:खेल प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया, प्रतिद्वंदी खेमे में हलचल; जयराम के करीबी बलदेव तोमर को झटका
