Headlines

भोपाल में बर्थडे पर 12वीं की छात्रा ने लगाई फांसी:फ्रेंड्स केक लेकर पहुंचीं तो फंदे पर लटकी मिली; गर्ल्स हॉस्टल में रहकर कर रही थी पढ़ाई;




भोपाल के कटारा हिल्स स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में रहकर 12वीं की पढ़ाई और JEE की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने रविवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार को उसका 17वां जन्मदिन था। सहेलियां केक लेकर बर्थडे मनाने पहुंचीं तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। सेंट्रल लॉक खुलने पर छात्रा कमरे में फंदे पर लटकी मिली। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताते हुए माता-पिता से माफी मांगी है। मृतका की पहचान अलीराजपुर निवासी दर्शन मिनामा पिता रमेश मिनामा के रूप में हुई है। वह अनंत हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी और एसेंट करियर प्वाइंट से JEE की तैयारी कर रही थी। रूममेट 20 दिन से गई हुई थी गांव पुलिस के अनुसार, दर्शन सितंबर 2025 से छात्रावास में रह रही थी। रविवार शाम करीब 5:30 बजे वह कोचिंग से लौटकर अपने कमरे में गई थी। उसकी रूममेट मनीषा नरगावा पिछले 20 दिनों से अपने गांव छुट्टी पर गई थी, जिसके कारण वह कमरे में अकेली थी। शाम करीब 6 बजे छात्रावास की अन्य छात्राएं उसका जन्मदिन मनाने के लिए कमरे पर पहुंचीं, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। लगातार चार-पांच मिनट तक दरवाजा खटखटाने के बाद सेंट्रल लॉक खुल गया। अंदर जाकर देखा तो छात्रा रस्सी के फंदे से लटकी हुई थी। छात्रावास की वार्डन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कमरे से मिला सुसाइड नोट घटना की सूचना पर पुलिस, एफएसएल टीम और फोटोग्राफर मौके पर पहुंचे। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में छात्रा ने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है तथा माता-पिता से माफी मांगी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने छात्रा के डिप्रेशन में होने की बात कही है, हालांकि आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। परिजनों की मौजूदगी में मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। 10 महीने पहले भी इसी छात्रावास में छात्रा ने की थी आत्महत्या कटारा हिल्स स्थित मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग के इसी शासकीय छात्रावास में करीब 10 महीने पहले भी एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। मृतका वंदना मरकाम (17), बालाघाट की निवासी थी। वह 12वीं कक्षा की छात्रा थी और एमपी नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, जिससे आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि वंदना दीपावली के बाद 26 अक्टूबर 2025 को अपने गृह जिले से छात्रावास लौटी थी। छात्रावास की वार्डन के अनुसार उसने पेट में संक्रमण का हवाला देकर उस दिन कोचिंग से छुट्टी ली थी। बाद में उसकी रूम पार्टनर और अन्य छात्राओं ने कमरे में उसका शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इस घटना के लगभग 10 महीने बाद उसी छात्रावास में एक और छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने से छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *