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मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन नारला-बिजणी फोरलेन परियोजना के तहत द्रंग स्कूल के समीप शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ नवनिर्मित सुरक्षा डंगा अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत यह रही कि प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए एक दिन पहले ही इसके दायरे में आने वाले दो मकानों को खाली करवा दिया था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया। हालांकि, डंगा क्षतिग्रस्त होने के कारण दोनों मकानों में गहरी दरारें आ गई हैं और दोनों प्रभावित परिवार अब किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी की कथित लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ है। प्रभावितों का कहना है कि उन्होंने करीब एक माह पहले ही अपने नए आशियाने में गृह प्रवेश किया था, जो अब उजड़ने की कगार पर है। इससे पहले ग्रामीणों ने मिट्टी भरकर बनाए जा रहे इस कच्चे डंगे का कड़ा विरोध किया था और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) व निर्माण कंपनी के खिलाफ हाईवे पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। विधायक ने किया कंपनी अधिकारियों का घेराव, दी दिल्ली कूच की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान स्थानीय विधायक पूर्ण चंद ठाकुर भी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने कंपनी अधिकारियों का कड़ा घेराव किया था। इस विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन यह डंगा ढह गया। इसके बाद पधर में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने एनएचएआई और गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कंपनी की लचर कार्यप्रणाली के कारण कई परिवार बेघर हो चुके हैं और क्षेत्र में सड़क, पेयजल व संपर्क मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो वह क्षेत्र के लोगों को बसों में भरकर दिल्ली ले जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस पूरे मामले को उठाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने मंडी की सांसद कंगना रणौत से भी इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाने का आग्रह किया है। उच्च स्तरीय जांच और उचित मुआवजे की मांग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर मंडी जिले के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप भी मढ़ा। उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है, जिससे जनता परेशान है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री से मांग की है कि वे स्वयं मौके का दौरा कर प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान करें। विधायक ने प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे, पुनर्वास और फोरलेन निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
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मंडी-पठानकोट फोरलेन का डंगा ढहा, दो परिवार बेघर:द्रंग में हुआ हादसा, निर्माण कंपनी की लापरवाही व मानकों की अनदेखी के आरोप
