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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में कानूनगो, पटवारी और उनके सहायक रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया। इन पर जमीन के म्यूटेशन के बदले दो लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। विजिलेंस ने शिकायत के सत्यापन के बाद एक ट्रैप लगाया और सहायक को एक लाख रुपए की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर कानूनगो और पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। शिकायतकर्ता पूर्ण चंद ने विजिलेंस थाना मंडी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान म्यूटेशन के लिए दो लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए लेने के लिए दोनों अधिकारियों ने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा था। विजिलेंस ने पहले सहायक पकड़ा, फिर कानूनगो-पटवारी शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने आरोपों की पुष्टि की और गोहर में सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। ललित से पूछताछ के बाद कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिन में रिटायर होने वाला था कानूनगो बंसीलाल जानकारी के अनुसार, कानूनगो बंसी लाल कुछ ही दिनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विजिलेंस थाना मंडी में तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। इसका उद्देश्य रिश्वत मांगने की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका और सभी संबंधित तथ्यों की विस्तार से जांच करना है।
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मंडी में कानूनगो-पटवारी और सहायक रिश्वत लेने पर गिरफ्तार:इंतकाल के ₹2 लाख मांगे, शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़ा
