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मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रॉली बैग में मिले 22 साल की आयुषी के शव के चर्चित हत्याकांड में कोर्ट ने उसके माता-पिता को दोषी ठहराया है। बुधवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने आयुषी के पिता नितेश यादव और मां ब्रजवाला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने नितेश पर 7 हजार और ब्रजवाला पर 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामला 18 नवंबर 2022 का है। राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर लाल रंग का ट्रॉली बैग पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैग खोला तो उसमें युवती का शव मिला। जांच में शव की पहचान दिल्ली के बदरपुर निवासी नितेश यादव की 22 वर्षीय बेटी आयुषी के रूप में हुई। दो दिन बाद उसकी मां ब्रजवाला और भाई आयुष ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान की थी। दूसरी जाति के युवक से शादी करने पर था विवाद पुलिस जांच में सामने आया था कि आयुषी ने भरतपुर, राजस्थान के रहने वाले युवक से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। इसी बात को लेकर परिवार उससे नाराज था। 17 नवंबर 2022 की दोपहर आयुषी की अपनी मां से इसी मुद्दे पर बहस हुई थी। इसके बाद पिता नितेश भी घर पहुंचा और बेटी को समझाने का प्रयास किया। आरोप था कि विवाद बढ़ने पर नितेश ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से आयुषी को गोली मार दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की तैयारी की गई। दुकान से पॉलीथिन लाया, पत्नी की मदद से बैग में रखा शव अभियोजन के अनुसार, आयुषी की हत्या के बाद नितेश दुकान गया और वहां से पॉलीथिन लेकर आया। इसके बाद उसने पत्नी ब्रजवाला की मदद से शव को पॉलीथिन में रखा और लाल ट्रॉली बैग में भर दिया। बाद में शव को मथुरा के राया क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारे फेंक दिया गया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश गोस्वामी ने बताया कि पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नितेश यादव और ब्रजवाला को दोषी माना। बुधवार को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
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मथुरा में आयुषी हत्याकांड में माता-पिता को उम्रकैद:दूसरी जाति में शादी से नाराज पिता ने बेटी को गोली मारी, मां ने शव ठिकाने लगाने में मदद की
