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हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मल्टी टास्क वर्कर यूनियन मंडी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें उन्होंने चार साल की सेवा पूरी कर चुके मल्टी टास्क वर्करों को नियमित करने की मांग की है। यह ज्ञापन मंगलवार को मंडी के अतिरिक्त उपायुक्त के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। यूनियन ने बताया कि मल्टी टास्क वर्कर अभी विभाग में सिर्फ 6 हजार रुपए महीने के वेतन पर काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी हर दिन करीब 8 से 10 घंटे तक मुश्किल और जोखिम भरे काम करते हैं। यूनियन का कहना है कि आज की महंगाई और आर्थिक हालात में इतने कम वेतन में परिवार चलाना बहुत मुश्किल है। नियमित कर्मचारी नीति बनाई जाने की मांग यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिला मंडी) राम कृष्ण ने कहा कि मल्टी टास्क वर्करों ने विभाग में पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने मांग की कि जिन कर्मचारियों ने चार साल की सेवा पूरी कर ली है या भविष्य में करेंगे, उन्हें सरकारी नीति के तहत नियमित किया जाए। राम कृष्ण ने यह भी कहा कि चार साल पूरे होने के बाद उन्हें दैनिक वेतनभोगी या मल्टी टास्क वर्कर के बजाय नियमित कर्मचारी का दर्जा देने के लिए सही नीति बनाई जानी चाहिए। दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए राम कृष्ण ने बताया कि कई कर्मचारी विभाग में काम करते हुए हादसों का शिकार हो चुके हैं और अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए। साथ ही, उनके योग्य आश्रितों को नियम के अनुसार नौकरी भी दी जानी चाहिए। स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी मिलें यूनियन ने अपनी मांगों में कहा है कि चार साल की सेवा पूरी करने वाले मल्टी टास्क वर्करों को नियमित किया जाए। चार साल बाद उन्हें दैनिक वेतनभोगी के तौर पर रखने की व्यवस्था खत्म कर नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा, दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता, योग्य आश्रितों को रोजगार और दूसरे कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी मिलें। गौरतलब है कि HPPWD की 2022 की मल्टी टास्क वर्कर नीति के तहत हजारों कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था।
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मल्टी-टास्क वर्करों ने CM के नाम ADC को सौंपा मांगपत्र:मंडी में बोले- सिर्फ 6 हजार रुपए में काम कर रहे, परिवार चलाना मुश्किल
