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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने महासमुंद जिले में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। जिला कांग्रेस कमेटी के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे। महासमुंद जिला प्रशासन की वेबसाइट पर SIR-2026 के तहत ऐसे मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध है, जिनके नाम 2025 की छत्तीसगढ़ मतदाता सूची में थे, लेकिन 2026 की ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं।
92,700 नाम हटने का कांग्रेस ने किया दावा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पत्रकारों से चर्चा में दावा किया कि SIR प्रक्रिया के बाद महासमुंद जिले में 92,700 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। उनके अनुसार महासमुंद विधानसभा क्षेत्र में 28,397, खल्लारी में 20,033, बसना में 21,752 और सरायपाली में 22,518 नाम हटे हैं। कांग्रेस ने इन आंकड़ों का विधानसभा क्षेत्रवार और कारणवार पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध आधिकारिक स्रोत से नहीं हो सकी है। CEC के फैसलों की जांच की मांग विधायक यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल CEC को पद से हटाने और उनके कार्यकाल के निर्णयों की जांच के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की मांग कर रहे हैं। SIR और निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की ओर से देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। INDIA गठबंधन ने भी 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग तक विपक्षी सांसदों के मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। बैलेट पेपर और VVPAT को लेकर भी मांग कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलाव का विधानसभा क्षेत्रवार और कारणवार विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। पार्टी ने हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक करने के साथ बैलेट पेपर से मतदान अथवा VVPAT की 100 प्रतिशत पर्चियों का मिलान कराने की मांग भी रखी है। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच रहे मतों के अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटने की स्थिति में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ये कांग्रेस की ओर से रखी गई मांग और तर्क हैं। 2 से 8 अक्टूबर तक जिले में प्रदर्शन जिला कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिले में अलग-अलग चरणों में विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। जिला स्तर के कार्यक्रम के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर या महात्मा गांधी की प्रतिमा अथवा जिला कलेक्टोरेट तक मार्च निकाला जाएगा। निर्धारित स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन करेंगे। कार्यक्रम के समापन पर CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन करने की भी घोषणा की गई है। 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का दिल्ली में मार्च कांग्रेस के अनुसार, 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसद और राष्ट्रीय नेता ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे। यह मार्च निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक प्रस्तावित है। गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति से मुलाकात कर निर्वाचन प्रक्रिया में संस्थागत निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात भी कही गई है। INDIA गठबंधन ने SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन की योजना सार्वजनिक की है। कांग्रेस ने कहा है कि उसका अभियान मतदाता अधिकारों की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग को लेकर जारी रहेगा। कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद पत्रकारवार्ता के दौरान पूर्व विधायक चंद्राकर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, ग्रामीण अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर, प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, पूर्व नपाध्यक्ष राशि महिलांग, महेन्द्र चंद्राकर, भरत सिंह ठाकुर, सेवन लाल चंद्राकर, समीम खान, गणेश शर्मा, संजय शर्मा और गिरीश पटेल सहित कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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महासमुंद में कांग्रेस का SIR को लेकर आंदोलन:92,700 नाम हटने का दावा, 2 से 8 अक्टूबर तक लोकतंत्र बचाओ सप्ताह, 6 को दिल्ली में मार्च
