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मानसा जिले में अचानक बदले मौसम के मिजाज से किसानों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुबह तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश और आंधी के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान पानी में भीग गया। वहीं, खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल और नरमे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। किसान नेता राम सिंह भैणी बाघा ने स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि धान की फसल पूरी तरह से पककर तैयार है और कटाई का काम जारी है। मंडियों में पर्याप्त शेड का इंतजाम न होने की वजह से किसानों का खुले में रखा धान बारिश में भीग गया। इससे फसल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे किसानों को नमी के नाम पर कटौतियों का डर सता रहा है। सरकार से ढील और सुरक्षा इंतजामों की मांग किसानों ने पंजाब सरकार से अपील की है कि वह केंद्र सरकार से बात कर धान की खरीद के नियमों और नमी के मानकों में छूट दिलाए, ताकि किसानों को शेलर मालिकों द्वारा की जाने वाली संभावित लूट से बचाया जा सके। इसके अलावा मंडियों में फसलों को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम करने और खरीद प्रक्रिया में राहत देने की पुरजोर मांग की गई है। जलभराव से नगर काउंसिल के दावों की खुली पोल बारिश ने केवल खेतों और मंडियों में ही नहीं, बल्कि मानसा शहर के प्रशासनिक इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बारिश के चलते शहर में नगर काउंसिल के जल निकासी के दावों की हवा निकल गई। प्रमुख बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण आम जनता और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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मानसा में बारिश से धान, कपास को नुकसान:मंडियों में भीगी फसल, शहर में भरा पानी; किसानों ने मांगी राहत
