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मुजफ्फरपुर- लोजपा विधायक अमित रानू पर 25 केस दर्ज:एसएसपी बोले- जमीन हड़पने, रंगदारी और हत्या के प्रयास का आरोप; गिरफ्तारी की तैयारी




मुजफ्फरपुर के लोजपा विधायक अमित कुमार रानू की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उन पर जमीन हड़पने, रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं। मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मंगलवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विधायक और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ कुल 25 मामले दर्ज किए गए हैं। इन 25 मामलों में से 8 में विधायक अमित कुमार रानू सीधे तौर पर नामजद हैं। इन मामलों में जमीन हड़पने के लिए ‘प्रोडक्शन गैंग’ चलाने, रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के आरोप शामिल हैं। दरअसल, दो दिन पहले विधायक के रिश्तेदारों के घर छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की गई और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इसी तरह, विधायक के घर पर छापेमारी के दौरान भी पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने अपनी ओर से अहियापुर और कच्ची पक्की थानों में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इसके अतिरिक्त, सीतामढ़ी के बेलसंड में भी एक मामला दर्ज है, जिसमें एक अपराधी को पकड़ा गया था। पुलिस अब विधायक के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेने की प्रक्रिया में है। वारंट मिलते ही अमित कुमार रानू को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अब रविवार को पुलिस एक्शन से जुड़ीं तस्वीरें देखिए… EOU की मदद ली जाएगी पुलिस ने विधायक के अहियापुर स्थित आवास, सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कार्यालय, करीब डेढ़ दर्जन अन्य करीबियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। पूरे कांड में चिन्हित किए गए लोगों के ठिकानों पर भी रेड डाली गई थी। अन्य लोगों को चिन्हित किया जा रहा था और जांच के दायरे में आने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही गई थी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए और नामजद लोगों के खिलाफ पुराने मामलों की भी जांच करने की बात कही थी। इन सभी की संपत्ति जब्त करने के लिए विधिवत कार्रवाई के लिए EOU की मदद लेने की बात कही गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विधायक के भाई और समर्थकों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी। रिश्तेदार के घर पर भी रेड रविवार देर रात विधायक अमित रानू के रिश्तेदार संतोष सिंह और कुणाल सिंह के भीखनपुरा स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई थी। पुलिस के अनुसार, कुणाल सिंह का नाम कई मामलों में शामिल है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नामजद अभियुक्त घर पर मौजूद हैं। इस बीच, कुणाल सिंह के बड़े भाई संतोष सिंह ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में सीनियर एसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ परिवाद भी दायर किया। छापेमारी के बाद विधायक अमित रानू ने इसे पुलिस की ‘मीडिया में आने के लिए सोची समझी कार्रवाई’ बताया था। इस बीच, विधायक के सीतामढ़ी स्थित दफ्तर से गिरफ्तार किए गए दो अपराधियों के साथ उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी।



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