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'मुझे अब नहीं रहना', सुसाइड से पहले महिला का कॉल:जींद में भाई बोला-जीजा ने मारा; इंस्पेक्टर बनते ही रवैया बदला, बहन को 'बांझ' बुलाता था




जींद में महिला ने फंदे से लटककर जान दे दी। सुसाइड से पहले उसने अपने भाई को फोन कर कहा था कि उसे ससुराल से ले जाए। भाई परिवार के साथ रात में घर पहुंचा, लेकिन तब तक ससुराल वाले उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले जा चुके थे। जींद से उसे हिसार रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की शादी 2016 में हुई थी और उसकी कोई संतान नहीं थी। उसका पति मेवात में लेबर इंस्पेक्टर के पद पर पोस्टेड है। भाई का आरोप है कि बच्चा न होने पर बहन को बांझ कहा जाता था। ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप भी लगाया। उधर, भाई की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने पति, ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव पोस्टमॉर्टम के बाद मायके पक्ष को सौंप दिया। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… रात 7 बजे भाई को फोन कर कहा- मुझे यहां से ले जाओ भिवानी के गांव कितलाना निवासी आनंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी छोटी बहन संतोष उर्फ संतो (31) की 2016 में पोखरी खेड़ी निवासी शिवदत्त (33) से शादी हुई थी। शादी के करीब 5 साल बाद जीजा की ग्रुप-D में नौकरी लगी। भाई का आरोप है कि इसके बाद संतोष को परेशान किया जाने लगा। करीब दो साल पहले शिवदत्त को लेबर इंस्पेक्टर की नौकरी मिली और इसके बाद उत्पीड़न बढ़ गया। 22 सितंबर की रात करीब 7 बजे संतोष ने आनंद को फोन किया। उसने कहा कि भाई, मुझे यहां से घर ले जाओ, ये लोग मुझे बहुत परेशान करते हैं और अब वह यहां नहीं रह सकती। आनंद ने उसे समझाते हुए सुबह पिता को भेजने की बात कही। करीब 10 मिनट बाद दोबारा फोन करने पर संतोष रोने लगी। इसके बाद आनंद अपनी मां, भाई और दो ममेरे भाइयों के साथ पोखरी खेड़ी के लिए रवाना हो गया। घर पहुंचे तो पता चला- संतोष को अस्पताल ले गए भाई आनंद ने बताया कि जब वे संतोष के घर पहुंचे तो पूरे घर की लाइट बंद थी। मौके पर एक चुन्नी पड़ी थी। जिस पर खून के निशान थे। ससुराल वालों ने बताया कि बहन ने इसी चुन्नी से फंदा लगाया था। लेकिन हमें लगता है कि उसके साथ मारपीट कर फंदे पर लटकाया गया होगा। एक पड़ोसी महिला ने बताया कि संतोष को गाड़ी में डालकर रेवाड़ी के सिविल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद हिसार रेफर कर दिया गया। रात में हिसार के जिंदल अस्पताल पहुंचे तो संतोष का एमआरआई हो रहा था। इसके बाद तीन दिन उपचार चलने के बाद 24 सितंबर को उसकी मौत हो गई। संतान नहीं होने पर ‘बांझ’ कहने का आरोप भाई ने बताया कि बहन संतोष को संतान नहीं होने के कारण ससुराल में ‘बांझ’ कहकर बुलाया जाता था। भाई आनंद ने दावा किया कि संतोष ने पहले भी उसे इस बारे में बताया था और उसने कई बार बहन को समझाया था। शिकायत के मुताबिक, इसी वजह से पति, देवर और ससुर उसे परेशान करते थे। परिवार के मुताबिक, संतोष के ससुराल में पति शिवदत्त के अलावा सास, ससुर और देवर रहते हैं। सास पैरालाइज हैं।
भाई का आरोप- नौकरी लगने के बाद बढ़ा उत्पीड़न आनंद ने शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही संतोष को परेशान किया जाता था। पिछले करीब पांच साल में उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई। उसका आरोप है कि शिवदत्त शादी होने तक छोटा मोटा काम करता था। लेकिन नौकरी लगने के बाद पति और ससुराल वालों के व्यवहार में बदलाव आया और उसे परेशान करने के लिए बहाने बनाए जाने लगे। पति, ससुर और देवर पर केस जांच अधिकारी एसआई वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, आनंद की शिकायत पर संतोष के पति शिवदत्त, ससुर बलबीर और देवर मंजीत के खिलाफ BNS की धारा 108/3(5) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टॉर्टम के बाद शव मायके वालों को सौंप दिया गया।



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