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मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र के पुरैना गांव में जंगली हाथी के हमले में 50 वर्षीय किसान कंछेदी यादव की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने परिवार को तत्काल 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी। विभाग ने शासन के नियमों के मुताबिक करीब 8 लाख रुपए मुआवजा मिलने की जानकारी भी दी है। वन मंडलाधिकारी विद्या भूषण मिश्रा के मुताबिक, अमरपाटन वन परिक्षेत्र में एक जंगली नर हाथी घूम रहा है। इसी हाथी की पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया प्रशासन जीपीएस कॉलर से निगरानी कर रहा था। अब मैहर वन मंडल की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। गोरसी बीट और आसपास के गांवों में घूम रहा हाथी वन विभाग के मुताबिक, हाथी फिलहाल अमरपाटन वन परिक्षेत्र की गोरसी बीट और आसपास के गांवों में घूम रहा है। हाथी रात में ज्यादा सक्रिय रहता है। इसे देखते हुए अमरपाटन, मैहर और मुकुंदपुर के वन क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। वन विभाग के साथ जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। बांधवगढ़ से दो कुंकी हाथी बुलाए जा रहे हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू करने और पकड़ने के लिए बांधवगढ़ से दो प्रशिक्षित कुंकी हाथी बुलाए जा रहे हैं। वन विभाग इसके लिए जरूरी तैयारियां कर रहा है। हाथी की गतिविधियों और क्षेत्र की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाथी के पास नहीं जाने की अपील वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथी के पास नहीं जाने और उसे घेरने या भगाने की कोशिश नहीं करने को कहा है। हाथी पर पत्थर मारने, शोर करने या किसी भी तरह उसे उकसाने से बचने की अपील की गई है। हाथी दिखाई देने पर कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखने को कहा गया है। कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह जंगल किनारे कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को हाथी के विचरण के दौरान पंचायत भवन या दूसरे सुरक्षित पक्के भवनों में रहने की सलाह दी गई है। खेतों में हाथी आने पर उसे भगाने के लिए पास नहीं जाने को कहा गया है। हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। वन्यप्राणी से फसल को नुकसान होने पर नियमानुसार राजस्व विभाग से मुआवजा मिलने की जानकारी भी विभाग ने दी है।
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मैहर में जंगली हाथी ने किसान को कुचलकर मारा:परिवार को वन विभाग ने दिए 50 हजार; काबू करने बांधवगढ़ से बुलाए कुंकी हाथी
