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अंबिकापुर के एक व्यवसायी के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज होने के मामले में व्यावसायियों ने मोर्चा खोल दिया है। व्यापारी संगठन ने बिना डिजिटल सबूत और आरोपों का वेरिफिकेशन किए एफआईआर दर्ज करने की निंदा की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। व्यापारी वर्ग ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया का दुरूपयोग किया जा रहा है। एक युवती के आरोपों पर कोतवाली पुलिस ने व्यवसायी के खिलाफ छेड़छाड़ और एक्ट्रोसिटी एक्ट का केस दर्ज कर लिया है। अंबिकापुर के व्यापारियों ने कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी के नेतृत्व में सरगुजा एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुलिस ने स्कूल रोड के व्यवसायी कौशल केडिया के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ और एक्ट्रोसिटी एक्ट के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। व्यापारियों ने कहा कि सोशल मीडिया में आरोप लगाते हुए पोस्ट डालने की परिपाटी बन गई है। यह है पूरा विवाद बताया गया है कि 11 अगस्त को बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र की एक युवती दुकान में आई थी। दुकान में दोनों पक्षों में विवाद हुआ। विवाद के बाद युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने व्यवसायी के खिलाफ छेड़छाड़ और एक्ट्रोसिटी एक्ट के गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जबकि वास्तव में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं है। व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करे। डिजिटल साक्ष्य के बिना अपराध दर्ज कर लिया गया है। यदि 7 दिनों में मामले में निष्पक्ष जांच कर एफआईआर को निरस्त करने या खत्मा पेश करने की कार्रवाई नहीं की जाती है तो व्यापारी दो दिनों तक व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर आंदोलन करेंगे। व्यापारी संगठनों ने एसपी को युवती द्वारा शंकरगढ़ थाने में भी इसी प्रकार की एक एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी देते हुए एफआईआर की कापी भी सौंपी है और दावा किया है कि युवती इसी प्रकार विवाद करती रही है। सरगुजा एसपी ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान रंजय स्वर्णकार, उपेंद्र गुप्ता सहित अन्य व्यवसायी उपस्थित थे।
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व्यापारी के खिलाफ छेड़छाड़ की FIR, कैट ने मोर्चा खोला:सरगुजा में दुकान बंद करने की चेतावनी, कहा- डिजिटल वेरिफिकेशन के बिना दर्ज हुआ केस
