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मोहाली के ऐतिहासिक और प्राचीन गांव घड़ूंआं में मंगलवार को उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब विकास कार्य के लिए जमीन की खुदाई के दौरान चांदी के पुराने सिक्कों से भरा एक ‘कुज्जा’ (मिट्टी का बर्तन) बरामद हुआ। खजाना मिलने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद आधी रात तक गांव में हाई-वोल्टेज ड्रामा और हलचल बनी रही। हालात यह हो गए कि बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथों में टॉर्च और खुदाई के औजार लेकर अंधेरे में ही जमीन खंगालने निकल पड़े।
यह पूरी घटना गांव के पुराने पंचायत घर की जगह पर बन रही नई आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण स्थल की है। मजदूर जब लाइब्रेरी की नींव के लिए जमीन की खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी के भीतर एक पुराना और आंशिक रूप से टूटा हुआ कुज्जा दिखाई दिया। जब बर्तनों को बाहर निकाला गया, तो वह चांदी के पुराने सिक्कों से लबालब भरा हुआ था। शुरुआती जांच और देखने वालों के मुताबिक, इन ऐतिहासिक सिक्कों पर उर्दू भाषा में कुछ लिखा हुआ है, जो किसी पुराने राजवंश या काल के प्रतीत होते हैं। आधी रात को टॉर्च की रोशनी में ‘सिक्का खोज’ अभियान, पुलिस ने संभाला मोर्चा वार्ड पार्षद शेर सिंह ने बताया कि जैसे ही ग्रामीणों को सिक्कों की बात पता चली, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूरज ढलने और अंधेरा होने के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ; कई लोग टॉर्च और मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर मलबे और खोदी गई जमीन में सिक्के तलाशने लगे। पार्षद के अनुसार, सिक्कों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, क्योंकि शुरुआती अफरा-तफरी के दौरान कुछ स्थानीय लोग अपने हाथ लगे सिक्के चुपचाप साथ ले गए। माहौल बिगड़ता देख तुरंत पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर भीड़ को खदेड़ा और निर्माण स्थल को अपने नियंत्रण में लिया। नगर पंचायत और प्रशासन सख्त, जांच टीम गठित नगर पंचायत घड़ूंआं के कार्यसाधक अधिकारी (EO) रवि जिंदल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक बरामदगी की सूचना मिलते ही पुलिस को सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी कर नगर पंचायत अधिकारियों की एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया है, ताकि बरामद सामान को सुरक्षित और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सके। महाभारत काल से जुड़ा है घड़ूंआं गांव का इतिहास स्थानीय बुजुर्गों और इतिहासकारों के अनुसार, घड़ूंआं गांव बेहद प्राचीन है और इसका संबंध सीधे तौर पर देश के इतिहास से है। गांव में स्थित प्रसिद्ध ‘पांडव सरोवर’ को भी महाभारत कालीन (पांडव काल) से जोड़कर देखा जाता है, जहाँ पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय बिताया था। जमीन से चांदी के पुराने सिक्कों की इस बरामदगी ने एक बार फिर इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को लेकर पुरातत्व विभाग और आम लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।
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मोहाली में जमीन से चांदी के सिक्के मिले:लाइब्रेरी निर्माण के दौरान मिला खजाना, सिक्कों पर उर्दू की लिखावट, देर रात तक तलाश जारी
