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यमुनानगर में नकली पनीर की सप्लाई चेन खंगाल रहा विभाग:दुकानों-होटलों तक पहुंच की जांच, दो दिन पहले पकड़ा था एक क्विटल नकली पनीर




यमुनानगर के गांधी नगर में मकान के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग इसकी सप्लाई चेन खंगालने में जुट गया है। विभाग की टीम पता लगा रही है कि यहां तैयार किया जा रहा पनीर शहर में किन-किन डेयरी दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और रेहड़ियों तक पहुंचाया जाता था। इसके साथ ही शहर में इस तरह की और कितनी इकाइयां संचालित हो रही हैं, इसकी भी जांच की जाएगी। छापेमारी के दौरान मौके से करीब एक क्विंटल एनालॉग पनीर बरामद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, पनीर से बदबू आ रही थी और मौके पर मिला दूध भी गुणवत्ता के लिहाज से खराब बताया गया था। फिलहाल बरामद पनीर के लैब में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। त्योहारों में बढ़ सकती है पनीर की मांग, सप्लाई पर नजर नवरात्र के साथ त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। इस दौरान मिठाइयों, पकवानों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ पनीर की खपत भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि गांधी नगर में तैयार पनीर किन कारोबारियों तक पहुंचा और कहीं इसकी सप्लाई दूसरे इलाकों में भी तो नहीं की जा रही थी। जांच के दायरे में शहर में इसी तरह पनीर बनाने वाली अन्य इकाइयां भी रहेंगी। अधिकारियों के अनुसार, सामान्य पनीर की बाजार में कीमत 350 रुपए प्रति किलो से अधिक बताई जा रही है, जबकि थोक भाव भी 300 रुपए प्रति किलो से ऊपर है। ऐसे में 240 रुपए प्रति किलो की दर से पनीर बेचे जाने को विभाग ने संदेहास्पद माना। हालांकि, बरामद पनीर की वास्तविक गुणवत्ता, उसमें इस्तेमाल सामग्री और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। छापेमारी के दौरान टीम ने पनीर का सैंपल लिया था और शेष पनीर को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया था। अब विभाग सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी में है। नवरात्र में कुट्टू के आटे की जांच पर भी सवाल दूसरी ओर, नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे की मांग बढ़ने के बीच खाद्य पदार्थों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विभाग ने अब तक कुट्टू के आटे के सैंपल नहीं लिए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को आटे की गुणवत्ता की जांच हुए बिना उससे बने व्यंजनों का सेवन करना पड़ सकता है। खाद्य पदार्थों की लैब रिपोर्ट आने में करीब 20 दिन लगने की बात कही जा रही है। ऐसे में यदि सैंपल लेने में देरी होती है तो रिपोर्ट आने तक संबंधित आटे की बड़ी मात्रा बाजार में खप सकती है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब ने बताया कि उनकी टीम आज से ही दुकानों पर जाकर कुट्टू के आटे के सैंपल लेगी। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।



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