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यूथ कांग्रेस के नए प्रभारी के दौरे पर कंफ्यूजन:रायपुर आने पर स्वागत कार्यक्रम नहीं, प्रोटोकॉल और स्वागत पोस्टर में प्रभारी पद का उल्लेख नहीं




छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी डॉ. स्मृति रंजन लेंका आज रायपुर पहुंच गए हैं। लेकिन उनके दौरे को लेकर संगठन के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह यह है कि दौरे के प्रोटोकॉल से लेकर उनके स्वागत में जारी पोस्टर तक, उन्हें भारतीय युवा कांग्रेस का ‘जनरल सेक्रेटरी’ बताया गया है। ‘प्रभारी’ पद का उल्लेख कहीं नहीं है। इसी वजह से उनके पहले दौरे को लेकर एयरपोर्ट पर भी कोई औपचारिक स्वागत कार्यक्रम नजर नहीं आया। स्वागत पोस्टर में भी ‘General Secretary, IYC’ छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी स्वागत पोस्टर में डॉ. स्मृति रंजन लेंका को ‘भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव’ बताया गया है। पोस्टर में उनके 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ के प्रथम आगमन पर स्वागत की बात कही गई है। वहीं, उनके दौरे के कार्यक्रम वाले पोस्टर में भी पद के तौर पर ‘General Secretary, IYC’ लिखा है। इसमें 17 से 19 अगस्त तक के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त को कांग्रेस भवन में उम्मीदवारों से मुलाकात
जारी टूर प्रोग्राम के मुताबिक लेंका 17 अगस्त को सुबह 9:30 बजे ट्रेन से रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे से कांग्रेस भवन में चुनावी उम्मीदवारों से मुलाकात का कार्यक्रम है। 18 अगस्त को सुबह 10:30 बजे भी कांग्रेस भवन में उम्मीदवारों से बैठक होगी, जबकि 19 अगस्त को YCEA टीम के साथ बैठक प्रस्तावित है। चुनावी विवाद के बीच अहम है दौरा युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों की ओर से कई शिकायतें सामने आई हैं। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों और समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने भी मुद्दे उठाए गए हैं। इन्हीं शिकायतों के बीच लेंका का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा हो रहा है। इस दौरान प्रभावित कार्यकर्ताओं और चुनावी उम्मीदवारों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनने की बात कही गई है। असमंजस की वजह क्या? एक तरफ उन्हें छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का प्रभारी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जारी आधिकारिक कार्यक्रम और स्वागत पोस्टर में उनका पद ‘General Secretary, IYC’ ही दर्ज है। ऐसे में संगठन के भीतर सवाल है कि क्या लेंका को औपचारिक तौर पर छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है या वे राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर प्रदेश के चुनावी मामले देखने पहुंचे हैं? यही असमंजस उनके पहले दौरे के दौरान एयरपोर्ट पर किसी औपचारिक स्वागत कार्यक्रम के नहीं होने की एक वजह के तौर पर भी देखा जा रहा है।



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