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उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों- घोसी, दुद्धी और फरीदपुर पर उपचुनाव नहीं होंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि यूपी विधानसभा के आम चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है। इसलिए नियमों के मुताबिक इन सीटों पर वोटिंग नहीं कराई जाएगी। क्यों नहीं होंगे उपचुनाव? भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनावी प्रक्रिया में देरी क्यों हुई और आखिर उपचुनाव क्यों नहीं कराए जाएंगे। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “उत्तर प्रदेश में पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम चल रहा था। यह काम 10 अप्रैल तक चला। इसके बाद चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त हो गया। फिर आयोग के पास कई दूसरे जरूरी चुनावी काम भी थे, जिनमें पूरी टीम लगी हुई थी।” उन्होंने आगे कहा, “अब जब आयोग इन कामों से थोड़ा फ्री हुआ, तो समय का आकलन किया गया। अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा के आम चुनाव होने हैं और अब उसमें एक साल से भी कम समय बचा है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के नियमों के अनुसार, अगर आम चुनाव में एक साल से कम समय बचा हो, तो उपचुनाव नहीं कराए जाते। इसी वजह से घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीट पर अब सीधे विधानसभा चुनाव ही होंगे।” देश में ऑनलाइन वोटिंग नहीं होगी मीडिया सम्मेलन के दौरान जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त से ऑनलाइन या डिजिटल वोटिंग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल भारत में ऑनलाइन चुनाव कराने की कोई योजना नहीं है। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “भारत में चुनाव संविधान और तय नियमों के मुताबिक कराए जाते हैं। संविधान में ऑनलाइन वोटिंग का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए निर्वाचन आयोग देश में किसी भी स्तर पर ऑनलाइन चुनाव कराने पर विचार नहीं कर रहा है। चुनाव पहले की तरह पोलिंग बूथों पर ही होंगे और पूरी पारदर्शिता व तय नियमों के अनुसार कराए जाएंगे।”
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यूपी की 3 सीटों पर नहीं होंगे उपचुनाव:मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- आम चुनाव में एक साल से कम वक्त; देश में ऑनलाइन वोटिंग का कोई विचार नहीं
