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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में विजय के लिए अपनी प्लानिंग को साफ कर दिया है। मोदी ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस व अकाली दल सभी को जमकर लताड़ा। मोदी ने अपने भाषण से कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया कि भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। मोदी ने पंजाब के जालंधर दौरे पर एक बार फिर से डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से ट्रेन में मुलाकात की और अपने भाषण में संत रविदास जी महाराज का उल्लेख किया। इसके जरिए मोदी ने पंजाब के दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की। उधर, हरियाणा में भाजपा सरकार के 24 फसलों पर MSP समेत विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मोदी ने पंजाब में डबल इंजन सरकार का नैरेटिव सेट किया। मोदी ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय बनाकर सिख परंपराओं को संजोने का काम किया। वहीं मोदी मंच पर हरी पगड़ी पहनकर आए जो कि किसानों का ट्रेडमार्क मानी जाती है। मोदी ने हरे रंग की पगड़ी पहनकर संकेत दिया कि भाजपा किसानों की हितैषी है और भाजपा सरकार आने पर किसानों को उनके हक दिए जाएंगे। मोदी ने हरियाणा सरकार की तरफ से किसानों को दी जा रही एमएसपी (MSP) का उदाहरण भी दिया। विकास कार्यों के जरिए तीनों रीजन की 54 विधानसभा सीटें साधने की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब दौरे पर कुल 15 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इसमें मालवा के 7, दोआबा के 5 और माझा के 3 प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स से पंजाब के 12 से अधिक प्रमुख जिलों की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी। मोदी ने इन प्रोजेक्ट्स के जरिए पंजाब की करीब 54 विधानसभा सीटों को टारगेट किया है, जिसमें मालवा क्षेत्र की 23, दोआबा की 20 और माझा की 11 सीटें शामिल हैं। मालवा क्षेत्र के लुधियाना, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), रूपनगर (रोपड़), पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब और संगरूर जिलों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलने जा रहा है, क्योंकि साउदर्न लुधियाना बाईपास, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और आईटी सिटी-कुराली हाईवे इन क्षेत्रों की रोड कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएंगे; जबकि मुक्तसर, मोहाली व आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और चंडीगढ़ PGI के नए सेंटर्स भी इसी बेल्ट के लोगों को लाभान्वित करेंगे। वहीं दोआबा क्षेत्र के जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों को भारी निवेश मिला है, जिसके तहत जालंधर कैंट व फगवाड़ा (कपूरथला) स्टेशनों का कायाकल्प होगा, राष्ट्रीय राजमार्गों को अपग्रेड किया जाएगा और दौलतपुर चौक-करटोली रेल लाइन व नई ट्रेन से होशियारपुर के कंडी क्षेत्र के लोगों की यात्रा सुगम होगी। इसके साथ ही, माझा क्षेत्र के अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों को सीधा लाभ मिलेगा, जहाँ अमृतसर के छेहरटा से वाराणसी के लिए शुरू हुई ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ श्रद्धालुओं को सीधे जोड़ेगी, तथा पठानकोट कैंट व बटाला (गुरदासपुर) स्टेशनों के पुनर्विकास से इन सीमावर्ती जिलों का पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगा। दलित वोट बैंक को साधने में जुटे मोदी
पंजाब में दलित वोट बैंक करीब 31 प्रतिशत है। मोदी डेरा सचखंड बल्लां में पहले आ चुके हैं और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम सतगुरु रविदास के नाम पर रख चुके हैं। अब पंजाब से सीधे बनारस के लिए शुरू की गई ट्रेन का नाम संत रविदास एक्सप्रेस रखा है। फरवरी 2027 में संत रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व है। उसी दौर में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी होना है। ऐसे में पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बनारस जाएंगे। पंजाब की राजनीति में डेरों का बेहद गहरा प्रभाव है, प्रधानमंत्री इस बात को भली-भांति जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास के साथ मुलाकात की। नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात से एक बार फिर से पंजाब के दलित वर्ग को साधने की कोशिश की। डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख से मोदी की पांच महीने में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले नरेंद्र मोदी राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोआबा के साथ-साथ इन दोनों डेरों का प्रभाव पंजाब के अन्य सभी जिलों और मालवा-माझा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से फैला हुआ है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन विभिन्न डेरों और आध्यात्मिक शक्तियों के माध्यम से ग्रामीण व जमीनी स्तर पर पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने की पुरज़ोर कोशिश में है। मोदी ने इसके जरिए पंजाब के 31 प्रतिशत दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की, जिसका सीधा असर दोआबा की 23 में से 14-15 सीटों पर दिखेगा। हरियाणा में सिख संग्रहालय कर पंजाब के वोटर्स को साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में सिख संग्रहालय का शिलान्यास करके एक बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक खेला है, जिसका सीधा लक्ष्य पंजाब के सिख वोटर्स को साधना है। जींद में इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव रखने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री पंजाब पहुंचे, जो उनकी सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। मोदी ने पंजाब में इसका बाकायदा जिक्र भी किया कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय का निर्माण किया। पंजाब की राजनीति में सिखों की धार्मिक अस्मिता हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रही है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग होने के बाद, भाजपा पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपनी पैठ बनाने के लिए ‘सांस्कृतिक सम्मान’ का कार्ड खेल रही है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में सिखों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने वाले इस संग्रहालय के जरिए मोदी ने पंजाब के ग्रामीण और पंथिक सिखों को संदेश दिया है कि भाजपा उनकी समृद्ध विरासत का सच्चा सम्मान करती है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, यह कदम पार्टी को केवल ‘शहरी हिंदुओं’ के टैग से बाहर निकालकर समूचे सिख समाज में पैठ बनाने में मदद करेगा। हरी पगड़ी पहनकर किसान हितैषी का दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के दौरान विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी धारण की। मंच से इस पारंपरिक रंग की दस्तार में नजर आकर उन्होंने सीधे तौर पर खुद को बड़ा किसान हितैषी दिखाने का मजबूत संदेश दिया। चूंकि हरा रंग पंजाब की खेती, फसलों और देश के अन्नदाता (किसानों) की पहचान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी का यह रूप पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक तल्खी और कृषि आंदोलनों के गतिरोध को भुलाकर ग्रामीण मतदाताओं से सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाने की एक बड़ी और गंभीर कोशिश है। आप-शिअद व कांग्रेस पर निशाना साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए और यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद पर सरकार कुछ नहीं कर पाई। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां तक कह दिया कि दिल्ली में इनके नेता को आईबी अधिकारी की हत्या का दोषी पाया गया और कोर्ट ने सजा दी, पर इनके नेता कोर्ट पर ही सवाल खड़े करने लगे हैं। ऐसा ही गुजरात में हुआ; इनके एमएलए को फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसलिए इनका कैरेक्टर ही ऐसा है। कांग्रेस पर तंज कसा कि वहां कुर्सी के लिए लड़ाई चल रही है, और शिअद को कहा कि उन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है। मोदी ने पंजाबियों को यह बताने की कोशिश की कि अब विकास और कानून व्यवस्था के लिए भाजपा ही उनके पास विकल्प है।
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PM मोदी की पंजाब रैली के मायने:प्रोजेक्टों से 54 सीटों पर असर, 'डबल इंजन' नैरेटिव, दलित-किसानों पर फोकस; गठबंधन से इनकार
