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मध्यप्रदेश के 5 जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश यानी, हैवी रेन का अलर्ट है। इनमें श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी हिस्से में रिमझिम बारिश होने का अनुमान है। एमपी में 24 जून को मानसून एंटर हुआ था। ठीक एक महीने पहले पूर्वी हिस्से से मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी। हालांकि, 1 जून से ही मानसूनी सीजन शुरू हो गया था। अब तक औसत 12.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की करीब 33 प्रतिशत है। पिछले 3 दिन में बारिश के ओवरऑल आंकड़े में 7 प्रतिशत की कमी आई है। 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज की गई थी, जो 21 जुलाई को 14%, 22 जुलाई को 11% और 23 जुलाई को 10% पर आ गई। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 14.1 इंच (359.6 मिमी) पानी गिर जाना था। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। आज इन जिलों में बारिश के आसार
पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश का दौर रहेगा। प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में बारिश रिकॉर्ड
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में बारिश रिकॉर्ड की। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें बंद हो गई। वहीं भोपाल में 90 साल पुराने जर्जर मकान का हिस्सा गिरने से एक युवक घायल हो गया। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला के लिए निकली एक बारात में तेज बारिश के कारण अधिकांश बाराती रास्ते में ही रुक गए। ऐसे में दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता नजर आया, जबकि बाकी लोग बारिश से बचने के लिए वाहनों और सुरक्षित स्थानों पर ठहर गए। देखिए, गुरुवार को मौसम की तस्वीरें… प्रदेश के 14 जिलों में तस्वीर बेहतर
प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का आंकड़ा प्लस और 41 जिलों में माइनस में है। पूर्वी हिस्से में निवाड़ी ही ऐसा जिला है, जहां औसत से ज्यादा पानी गिरा है। कम बारिश वाले 41 जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं। वहीं, ज्यादा बारिश वाले 14 जिले- निवाड़ी, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, नीमच, राजगढ़, सीहोर और उज्जैन है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम देवास में 18.5 इंच पानी गिरा, भोपाल-बालाघाट बेहतर
प्रदेश में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है। यहां 49 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो यहां अब तक 18.5 इंच बारिश हो चुकी है। बालाघाट में अब तक 18 इंच, भोपाल में 16.4 इंच पानी गिरा है तो सीहोर में 17.2 इंच, हरदा, दमोह-डिंडौरी में 16 इंच, सिवनी में 17 इंच बारिश हो चुकी है। आलीराजपुर में सबसे कम ढाई इंच बारिश दर्ज की गई है। जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम
मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। बाद में लगातार 9 दिन से तेज बारिश नहीं होने से लगातार चौथे दिन से आंकड़ा माइनस में आ गया है। बता दें कि इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है। जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड
चारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिश
भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में जमकर होती है बारिश
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।
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रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट:MP में मानसून की एंट्री को 1 महीना पूरा; 12.8 इंच पानी गिरा
