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राजस्थान में मानसून सक्रिय होने के बावजूद गुरुवार को किशनगढ़ शहर में अच्छी बारिश का इंतजार अधूरा ही रह गया। दिनभर मौसम ने कई रंग बदले, लेकिन बारिश की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी। वहीं, किशनगढ़ से सटे अरांई क्षेत्र में मानसून जमकर बरसा और शाम होते-होते सड़कों पर पानी बहने लगा। गुरुवार सुबह किशनगढ़ में हल्की बूंदाबांदी के साथ मौसम की शुरुआत हुई। बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि दिनभर अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन कुछ देर बाद बादल छंट गए और तेज धूप निकल आई। धूप और वातावरण में बनी नमी के कारण दिनभर उमस का असर रहा। घरों, बाजारों और दफ्तरों में लोग गर्मी और चिपचिपाहट से परेशान नजर आए। शाम को छाए काले बादल, लेकिन नहीं बरसे दिन ढलने के बाद एक बार फिर मौसम बदला। शाम करीब 7 बजे आसमान पर काले बादल छा गए। देखते ही देखते पूरे शहर में बादलों की घनी चादर दिखाई देने लगी और लोगों को तेज बारिश की उम्मीद जगी। काली घटाओं के कारण शाम के समय ही अंधेरा छा गया और ऐसा लगा कि अब बारिश शुरू हो जाएगी। लोग राहत की उम्मीद में आसमान की ओर देखते रहे, लेकिन बादल बिना बरसे ही आगे निकल गए। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई, लेकिन इतनी बारिश नहीं हुई कि जमीन की प्यास बुझ सके। इसके बाद फिर उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। अरांई में हुई अच्छी बारिश, सड़कों पर बहा पानी वहीं दूसरी ओर किशनगढ़ से कुछ दूरी पर स्थित अरांई क्षेत्र में मौसम का असर देखने को मिला। यहां शाम के समय अच्छी बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर सड़कों पर पानी बहने लगा। बारिश से किसानों और ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। वहीं किशनगढ़ शहर के लोग एक बार फिर अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए आसमान की ओर देखते रह गए।
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किशनगढ़ में बारिश का इंतजार रहा अधूरा:काली घटाएं छाईं, बूंदाबांदी तक सिमटा मौसम; अरांई में झमाझम बारिश
