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रामगढ़ जिला डिजिटल हेल्थ में मॉडल बनेगा, 80% काम पूरा




आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत रामगढ़ को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मॉडल जिला बनाने की दिशा में सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित टाउन हॉल में मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला हुई। इसमें डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने डीसी ऋतुराज सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार जिले में डिजिटाइजेशन का करीब 80% काम पूरा हो चुका है। शेष काम के बाद रामगढ़ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में उपलब्धि हासिल करने वाला पहला जिला बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डॉ. वर्णवाल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि ऐसा एकीकृत डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें नागरिकों को बेहतर, सुगम, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, आभा आईडी व डिजिटल माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने रामगढ़ में मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार और अच्छे कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाकर देश के अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनाया जा सकता है। डीसी ऋतुराज ने डॉ. वर्णवाल सहित अन्य पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि रामगढ़ जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए कदम उठाएगा। मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पंकज कुमार अरोड़ा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, निदेशक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शशि प्रकाश सिंह, अभियान निदेशक एनएचएम शशि प्रकाश झा, राज्य अभियान निदेशक एबीडीएम दिनेश यादव, डीडीसी आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार मौजूद थे। रन फॉर आयुष्मान भारत से दिया जागरूकता संदेश कार्यशाला से पहले डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने रन फॉर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जागरूकता वाहन और जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ व्यापक स्तर पर तभी पहुंचेगा, जब आम नागरिक भी इसके महत्व और उपयोगिता से परिचित होंगे। अभियान के जरिए लोगों को आभा आईडी, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और उपलब्ध डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला के दौरान डॉ. वर्णवाल ने टाउन हॉल परिसर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के क्षेत्र में काम कर रही विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियों की ओर से लगाए गए स्टॉल का भ्रमण किया। उन्होंने कंपनियों की डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों और समाधानों की जानकारी ली।



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