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शिमला जिले में रामपुर-सुंडा-सनेई मार्ग पर लगातार भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थरों के गिरने से लोगों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है। मार्ग पर आए दिन चट्टानें गिरने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए डंसा और रचोली पंचायत के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एसडीएम रामपुर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में बीडीसी सदस्य रचोली ईशा चौहान, मुरार कांत, डंसा प्रधान पदमा, रचोली उप प्रधान ज्योति और तिलक राज शामिल थे। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर सड़क के किनारे और ऊपर खतरनाक स्थिति में हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा दीवारों के निर्माण् की मांग पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मार्ग का संयुक्त निरीक्षण करवाने और लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों की एक संयुक्त समिति गठित करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां स्थायी सुरक्षा उपाय करने, खतरनाक पत्थरों को हटाने, क्रेट वायर लगाने और आवश्यकतानुसार सुरक्षा दीवारों का निर्माण करवाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आपात स्थिति में यातायात सुचारू रखने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। इसके बाधित होने से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि बरसात के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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रामपुर- सुंडा-सनेई मार्ग पर भूस्खलन से खतरा बढ़ा:एसडीएम से मिले पंचायत प्रतिनिधि, बड़े पत्थरों को हटाने, स्थायी समाधान की मांग
