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छह साल पहले अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर विवादित स्टेटस लगाने के मामले में सैलाना कोर्ट ने आरोपी परवेज खान को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। फैसला सैलाना न्यायालय के न्यायाधीश मोहित परसाई ने सुनाया। मामले में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी दिनेश मालवी ने पैरवी की। 5 अगस्त 2020 को मोबाइल स्टेटस देखा था सैलाना के सहायक लोक अभियोजन अधिकारी दिनेश मालवी के अनुसार घटनाक्रम 5 अगस्त 2020 का है। फरियादी संजय ने उस दिन अपने मोबाइल पर स्टेटस देखा। इसमें परवेज खान के नाम से चार स्टेटस लगे हुए थे। पहले स्टेटस में बाबरी मस्जिद की तस्वीर थी। दूसरे में 5 अगस्त को ब्लैक डे बताया गया था। तीसरे स्टेटस में मस्जिद को मंदिर में साबित किए जाने और अल्लाह के इंसाफ से संबंधित टिप्पणी थी। चौथे स्टेटस में लिखा था कि 5 अगस्त को पूरी दुनिया को पता चल जाएगा कि राम को भी सुकून मस्जिद में ही मिलता है, मंदिर में नहीं। संजय ने ये स्टेटस अपने दोस्तों को दिखाए। उनके अनुसार ये स्टेटस परवेज खान ने अपने वाट्सऐप पर लगाए थे। धार्मिक भावनाएं भड़काने का लगाया गया आरोप फरियादी और उसके दोस्तों ने इन स्टेटस को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिलान्यास को लेकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाला बताया। आरोप था कि जानबूझकर ऐसे स्टेटस लगाए गए, जिससे सरवन में सौहार्द की स्थिति प्रभावित हो सकती थी और लोगों में वैमनस्यता का भाव पैदा हो सकता था। इसके बाद संजय ने सरवन थाने में परवेज खान (25), पिता मोहम्मद हुसैन, निवासी पठान मोहल्ला, सरवन, जिला रतलाम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 153ए, 295ए और 505(2) के तहत मामला दर्ज किया था। मोबाइल जब्त कर साइबर फोरेंसिक जांच कराई पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी परवेज खान को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल जब्त किया। मोबाइल को दस्तावेजों के साथ साइबर फोरेंसिक लैब भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए एक साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, तहसील सैलाना, दिनेश मालवी ने की।
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‘राम को सुकून मंदिर में नहीं, मस्जिद में मिलता है’:अयोध्या पर विवादित स्टेटस लगाया; कोर्ट ने सुनाई एक साल की सजा
