![]()
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समय-सीमा की बैठक में राज्य शासन के प्राथमिकता वाले कार्यों, विभागीय पत्रों और लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में नक्शा बंटांकन कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई और जिले के सभी 10 तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर हर तहसील में नक्शा बंटांकन कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी समय-सीमा की बैठक में फिर से समीक्षा की जाएगी। यदि प्रगति संतोषजनक नहीं मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में बताया गया कि जिले में 18 नवंबर 2025 तक नक्शा बंटांकन की प्रगति 73.64 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 78.66 प्रतिशत हो गई है। इस दौरान कुल 5.02 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। तहसीलवार प्रगति की समीक्षा 27 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच जिले में 1,008 नक्शों का बंटांकन किया गया। तहसीलवार प्रगति में धरमजयगढ़ 93.26 प्रतिशत, छाल 91.15 प्रतिशत, घरघोड़ा 90.45 प्रतिशत, मुकडेगा 87.55 प्रतिशत, तमनार 86.16 प्रतिशत, लैलूंगा 85.59 प्रतिशत, कापू 83.45 प्रतिशत, खरसिया 75.69 प्रतिशत, रायगढ़ 70.20 प्रतिशत और पुसौर 65.60 प्रतिशत बंटांकन पूर्ण होने की जानकारी दी गई। लैलूंगा की प्रगति सबसे कमजोर साप्ताहिक समीक्षा में रायगढ़ तहसील में 258, घरघोड़ा में 206, पुसौर में 200, तमनार में 165, खरसिया में 62, छाल में 53, धरमजयगढ़ में 34, कापू में 28 और मुकडेगा में 26 नक्शों का बंटांकन किया गया। वहीं, लैलूंगा तहसील की साप्ताहिक प्रगति ऋणात्मक (-24) रही। इसे गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
Source link
रायगढ़ में नक्शा बटांकन काम में लापरवाही, कलेक्टर नाराज:10 तहसीलदारों को शो-कॉज नोटिस, एक सप्ताह में प्रगति नहीं होने पर होगी कार्रवाई
