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रायसेन कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में मेढ़की ग्राम पंचायत के भोई कॉलोनी, कालीदांत, सूखासेन और सुआखेड़ी गांव के ग्रामीण 6 किमी पक्की सड़क की मांग लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों से सलामतपुर सड़क तक का रास्ता वर्षों से कच्चा है। बारिश में कीचड़ होने के कारण इस रास्ते से आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, कच्चे रास्ते के कारण बारिश के दौरान बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई जगह दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाते। ग्रामीणों का कहना है कि किसी के बीमार होने या आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को पैदल या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि रास्ते की खराब स्थिति से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने दावा किया कि स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में देरी के कारण गांव की दो महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 2021 और 2023 में भी दिया था आवेदन ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क निर्माण के लिए 17 अगस्त 2021 और 5 सितंबर 2023 को जनसुनवाई में आवेदन दिया गया था। उनका कहना है कि इसके बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने भोई कॉलोनी से सलामतपुर तक करीब 6 किमी पक्की सड़क का निर्माण योजनांतर्गत कराने की मांग की। कलेक्टर ने जांच और निराकरण के निर्देश दिए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जनसुनवाई में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों की वस्तुस्थिति की जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
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रायसेन में कच्चे रास्ते से 4 गांवों के ग्रामीण परेशान:बोले- एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती, जनसुनवाई में कलेक्टर से सड़क बनवाने की मांग की
