राहुल गांधी से मिल सकता है पंजाब कांग्रेस नेतृत्व:पूर्व सीएम चन्नी के साथ 92 से अधिक नेता होने का दावा, अकेले पड़े राजा वड़िंग, सेंट्रल पॉलिटिक्स की भूमिका में बाजवा




पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह, बगावती सुर और पोस्टर विवाद के बीच नई दिल्ली से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। आज दिल्ली में आयोजित ‘कांग्रेस वर्किंग कमेटी’ (CWC) की अहम बैठक के बाद या कल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पंजाब की शीर्ष नेतृत्व टीम के साथ एक अलग विशेष बैठक कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और बाकी वरिष्ठ नेताओं के बीच पैदा हुए जबरदस्त मतभेदों को सुलझाने के लिए आलाकमान ने यह कदम उठाया है। पंजाब कांग्रेस में शक्ति प्रदर्शन: 92 नेता चन्नी के साथ होने का दावा, अकेले पड़े वड़िंग पंजाब कांग्रेस में इस समय गुटबाजी चरम पर है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ 92 से अधिक पूर्व विधायक, वर्तमान नेता और पदाधिकारी चल रहे हैं। वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला भी लगातार चन्नी के कार्यक्रमों में हाजिरी भर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ सिर्फ 2 से 3 सांसद और कुछ जिलाध्यक्ष ही खड़े दिखाई दे रहे हैं। वरिष्ठ नेतृत्व वड़िंग के सरकारी और पार्टी कार्यक्रमों से लगातार दूरी बनाए हुए है। प्रताप सिंह बाजवा का तटस्थ रुख नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा इस पूरे घमासान में बिल्कुल तटस्थ भूमिका निभा रहे हैं। वह खुले तौर पर न तो चन्नी गुट के साथ दिखाई दे रहे हैं और न राजा वड़िंग के पक्ष में बोलते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, हाल ही में संसद के दौरान उनकी राहुल गांधी से हुई मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है। राहुल गांधी के साथ ये 5 मुख्य नेता कर सकते हैं मुलाकात पार्टी के अंदर चर्चा है कि राहुल गांधी के साथ होने वाली इस बंद कमरा बैठक में पंजाब के 5 शीर्ष नेता चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला शामिल हो सकते हैं। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद रहेंगे। क्या मसला सुलझेगा या राजा बने रहेंगे प्रधान बता दें, राजा वड़िंग पहले ही सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि अगर राहुल गांधी मुझे एक बार कह दें कि प्रधानी छोड़ दो, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और पार्टी टिकट पर चुनाव भी नहीं लड़ूंगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आलाकमान अध्यक्ष को लेकर कोई बदलाव करेगा या नहीं, क्या 92 नेताओं के विरोध को देखते हुए राहुल गांधी पंजाब प्रधानी को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला लेंगे? पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पंजाब नेतृत्व को समझौते का फॉर्मूला दे सकते हैं या फिर पार्टी अनुशासन का पाठ पढ़ाकर राजा वड़िंग को ही अध्यक्ष बनाए रखते हुए बाकी नेताओं को वापस भेजा जा सकता है। राहुल के पंजाब दौरे और चुनाव समितियों पर भी होगी चर्चा राहुल गांधी के जल्द होने वाले पंजाब दौरे और आगामी चुनावों के लिए गठित की जाने वाली समितियों के संबंध में भी इस बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पंजाब दौरे से पहले इस गुटबंदी को खत्म करना चाहते हैं ताकि, 2027 के लिए ग्राउंड लेवल तक के वर्कर को सही दिशा दिखाई जा सके।



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