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राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसे बेहतर भविष्य देने के लिए बनाया गया था। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से पूछा कि उनका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा क्यों उठ गया है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की शुरुआत उन लोगों की बात सुनने से होगी, जो रोजाना इसकी कमियों का सामना कर रहे हैं। राहुल ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपने अनुभव, सबूत और सुझाव ऑनलाइन साझा करने को कहा। राहुल ने यह बात छात्रों की गूंज के पांचवें कार्यक्रम से पहले की है। इसका आयोजन 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा। 22 अगस्त: राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा राहुल गांधी ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर एक घंटा 16 मिनट बात की थी। अराहुल ने कहा था कि महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा होती है। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, संपत्ति और अपने फैसले लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 8 अगस्त: राहुल बोले- रील 21वीं सदी का नशा है राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में 47 मिनट बात की थी। उन्होंने कहा, ‘सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। इनसे कहा जाता है कि आपको जितनी रील बनाना है, बनाओ। मजदूरी करो। 21वीं सदी का नशा लो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘परिवारों से लाखों करोड़ रुपए लिए जाते हैं और बदले में BA-MA की डिग्री मिलती है, लेकिन यह सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता। आज हजार में से सिर्फ 12 युवाओं को परमानेंट नौकरी मिल रही है।’ पूरी खबर पढ़ें… 17 जुलाई: देहरादून राहुल बोले-1% लोग पेपर लीक के रास्ते पर चलते हैं देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की थी। इसमें उन्होंने पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ एक फीसदी लोग पेपर लीक का रास्ता अपनाते हैं, लेकिन इसकी कीमत 99 फीसदी ईमानदार और गरीब युवाओं को चुकानी पड़ती है। राहुल ने कहा कि मीडिया शादी और चीते की बात करेगी, लेकिन पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी। 17 जून: कोटा में राहुल बोले- एजुकेशन सिस्टम बच्चों को टेंशन देता है राहुल ने कोटा के दशहरा मैदान में स्टूडेंट्स से संवाद किया था। कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में राहुल ने कहा था- ये कार्यक्रम कोई राजनीति का कार्यक्रम नहीं है, ये युवाओं, छात्रों की आवाज उठाने का मंच है। आज सिर्फ स्टूडेंट्स और युवाओं की बात होगी। राहुल गांधी ने आगे कहा- हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम अपने बच्चों को प्रेशराइज (दबाव में) करता है। यह उन्हें स्ट्रेस (तनाव) देता है। मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि आगे से किसी भी बच्चे को ऐसा (आत्महत्या जैसा) आत्मघाती कदम न उठाना पड़े।
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राहुल बोले-भारत की शिक्षा व्यवस्था युवाओं को निराश कर रही:छात्रों-अभिभावकों से अपने सुझाव साझा करने को कहा; इंदौर में छात्रों की गूंज करेंगे
