रीवा में ब्राह्मण महासभा का सरकार को अल्टीमेटम:कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत मामला, न्याय-मुआवजा नहीं मिला तो रीवा बंद-आंदोलन की चेतावनी




रीवा में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला अब आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय नहीं मिलने से नाराज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने सरकार को रीवा बंद से लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन तक की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश सचिव पंडित सतीश चौबे और जिलाध्यक्ष आशीष तिवारी ने कहा कि सरकार ने जल्द आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की तो संगठन सवर्ण समाज को साथ लेकर आंदोलन करेगा। सभी दोषियों पर तत्काल कार्यवाही हो। नेशनल अस्पताल में 2 लाख, यहां मुआवजा क्यों नहीं? ब्राह्मण समाज ने नेशनल अस्पताल के लिफ्ट हादसे का हवाला देते हुए सरकार की आर्थिक सहायता नीति पर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि लिफ्ट हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद मुख्यमंत्री की ओर से मृतक परिवार को 2 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की गई, लेकिन संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद अब तक परिवार के लिए किसी आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं हुई। प्रदेश सचिव पंडित सतीश चौबे ने सवाल उठाया कि जब एक अस्पताल हादसे में मृतक परिवार को मुख्यमंत्री सहायता दी जा सकती है तो मां और नवजात की मौत के बाद इस परिवार के लिए सरकार की संवेदना कहां है? जिलाध्यक्ष बोले- न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तय जिलाध्यक्ष आशीष तिवारी ने कहा कि कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला बेहद गंभीर है। पीड़ित परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले में सरकार से जवाब मांग रहा है और यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। आशीष तिवारी ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत रीवा बंद से की जा सकती है। इसके बाद भी यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया जाएगा। ‘मुआवजे का पैमाना सार्वजनिक करे सरकार’ ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कल्पना मिश्रा के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही सरकार यह भी स्पष्ट करे कि अस्पतालों में होने वाली मौतों के मामलों में आर्थिक सहायता देने के लिए क्या मापदंड निर्धारित हैं। संगठन का कहना है कि मांग किसी जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि समानता और समान सरकारी संवेदना के लिए है। यदि एक पीड़ित परिवार को सहायता दी जा सकती है तो दूसरे परिवार को सहायता से वंचित रखने का आधार भी सरकार को बताना चाहिए। रीवा बंद से प्रदेशव्यापी आंदोलन तक पंडित सतीश चौबे और आशीष तिवारी ने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। सरकार ने यदि जल्द आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की तो पहले रीवा बंद का आह्वान किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। अब देखना होगा कि ब्राह्मण समाज की इस चेतावनी के बाद सरकार कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करती है या नहीं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *