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36 मिनट पहले
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में तीन साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का एक वीडियो सामने आया है।
बच्चे के पेरेंट्स के मुताबिक, बच्चे को थप्पड़ मारे गए, लात मारी गई और कई घंटों तक एप्रन से कुर्सी पर बांधकर रखा गया।
तीन दिन की फुटेज में दिखी बच्चे के साथ मारपीट
पुलिस और बच्चे के पिता के मुताबिक, 16, 17 और 18 अगस्त की CCTV फुटेज में बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटनाएं दिखीं।
पिता के मुताबिक, 18 अगस्त को बच्चे को सुबह करीब 9:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कुर्सी से बांधकर रखा गया था। एक दिन पहले भी उसे अलग ले जाकर थप्पड़ मारने और कुर्सी से बांधने का आरोप है।
बच्चे के व्यवहार में बदलाव और शरीर पर चोट के निशान
पुलिस के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत से बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था। वह स्कूल जाने और यहां तक कि वॉशरूम जाने से भी डरने लगा था। वह परेशान रहता था और रात में लगातार रोता था।
माता-पिता ने उसके चेहरे और हाथों पर चोट के निशान भी देखे। इसके बाद वे उसे डॉक्टर के पास ले गए। जांच में उसके कानों की दोनों नलियों में सूजन समेत शारीरिक चोट के संकेत मिले।
18 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद बच्चे ने कान में दर्द की शिकायत की और उसे उल्टी भी हुई। परिवार उसे ENT डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने कान में चोट देखकर माता-पिता से पूछा कि क्या बच्चे को मारा गया है। यह देखकर परिवार हैरान रह गया।
महिला अटेंडेर को गिरफ्तार किया
मामले में पुलिस ने 35 वर्षीय महिला अटेंडेर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये घटना इसी महीने की शुरुआत में हुई थी। सीसीटीवी से मारपीट का खुलासा हुआ है।
बच्चे के पिता की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने स्कूल पहुंचकर CCTV रिकॉर्डर जब्त किया और FIR दर्ज कर ली है। दो अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CCTV दिखाने के लिए स्कूल ने पैसे मांगे
पिता ने 25 अगस्त को स्कूल प्रशासन से कक्षा की CCTV फुटेज मांगी। आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने पहले तकनीकी खराबी का हवाला देकर फुटेज दिखाने में देरी की।
अगले दिन कथित तौर पर स्कूल ने CCTV फुटेज दिखाने के लिए 1,500 रुपए मांगे। पैसे देने के बाद माता-पिता को फुटेज देखने दी गई। पुलिस और पिता के मुताबिक, फुटेज में बच्चे के साथ कथित मारपीट दिखाई दी।

स्कूल ने बच्चे के व्यवहार को बताया वजह
पुलिस के मुताबिक, स्कूल के कर्मचारियों ने बच्चे के व्यवहार को लेकर सफाई देने की कोशिश की। उनका आरोप था कि बच्चा दूसरे बच्चों को मारता था और कुर्सियां फेंकता था।
पिता ने कहा कि उनका बेटा स्पीच थेरेपी ले रहा है। स्कूल ने करीब तीन महीने पहले भी उसके व्यवहार की शिकायत की थी। पिता का कहना है कि अब उन्हें समझ आ रहा है कि बच्चा कुर्सी क्यों फेंक रहा था- क्योंकि उसे खुद कुर्सी से बांधा जा रहा था।
माता-पिता को यौन उत्पीड़न का भी शक
बच्चे के माता-पिता ने उसके साथ गलत तरीके से छूने या यौन उत्पीड़न की भी आशंका जताई है। पिता का कहना है कि बच्चा शारीरिक रूप से छुए जाने से डरने लगा है। परिवार ने इस मामले में आगे की जांच की मांग की है।
बच्चा करीब डेढ़ साल से इस स्कूल में जा रहा था। परिवार के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से ही वह चिड़चिड़ा और स्कूल जाने से डरा हुआ नजर आ रहा था।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के साथ POCSO एक्ट की धारा 12 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और 82 के तहत मामला दर्ज किया है।
बच्चे को मेडिकल जांच के लिए GTB अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल दस्तावेजों में उसके चेहरे और हाथों पर खरोंच और चोट के निशान दर्ज हैं। परिवार अब बच्चे को इस घटना के मानसिक असर से उबरने में मदद के लिए थेरेपी दिलाने की तैयारी कर रहा है।
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