Headlines

रेवाड़ी में सरकारी जमीन से पेड़ उखाड़ने पर बवाल:वन विभाग और ठेकेदार में तीखी बहस; ₹1.52 लाख का जुर्माना




रेवाड़ी में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह समर्थकों का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। सोमवार को महेंद्रगढ़ रोड पर जाडरा गांव के पास उनके समर्थक ठेकेदार के आफिस के सामने सरकारी जमीन पर खड़े हरे पेड़ को जेसीबी से उखाड़ दिया। सूचना के बाद पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने रोकने पर भी नहीं रूके। विवाद बढ़ता देख डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। परंतु वन विभाग की टीम को उनका भी साथ नहीं मिल पाया। पुलिस के सामने वन विभाग के कर्मचारी जेबीसी को सील करने की मांग पर अड़े रहे। विवाद बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री समर्थक ने पेड़ काटने से हुए नुकसान का हर्जाना भरने की बात स्वीकारी। ठेकेदार के खिलाफ 12 जून को भी पेड काटने का केस दर्ज हो चुका है। रोड पर घंटो चला ड्रॉमा और पॉवर गेम 1 लाख 52 हजार 060 रुपए जुर्माना भरने के साथ ही खत्म हो गया। इससे पूर्व जिला प्रमुख मनोज यादव का नाम एक महिला के साथ जुड़ा। 2 जुलाई को आरती राव के जन्मदिन पर केट काटते समय हाथपाई और जिला परिषद के उद्घाटन- शिलान्यास पत्थरों पर स्थानीय विधायक का नाम नहीं लिखवाने व धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन के शपथ ग्रहण में नहीं बुलाने के मामले सामने आ चुके है। समर्थकों की सूची में अब एक और नया विवाद जुड़ गया है। घंटों तक चलता रहा हाईवोल्टेज ड्रामा वन कर्मचारियों और ठेकेदार और उसके कारिंदों व समर्थकों के बीच पुलिस आने से पहले और पुलिस की मौजूदगी में रोड पर घंटों तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दोनों तरफ से एक दूसरे को अपनी पॉवर दिखाने का प्रयास किया गया। जिसके पांच अलग-अलग वीडियो सामने आए। पहला वीडियो: सूचना के बाद जब वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो ठेकेदार समर्थक एक युवक कर्मचारियों को अपनी जमीन से पर हटने की बात कहता सुनाई दिया। युवक ने कहा कि अरे भाई पराने चलो, थ्यारी जमीन सै ना, उस कानी चलो। दूसरा व्यक्ति कहता है कि खड़े रहनै दे नै। दूसरा वीडियो : सरकारी जमीन में क्यों करवा रहे हो। ये बताओ ने आप, किसलिए करवा रहे हो, किसने बोला है आप। हम जमीन समतल करवा रहे हैं। ये सरकारी जमीन है। इसकी बात हो रही है। जब जेसीबी नहीं रूकी तो कर्मचारी ने वीडियो में बोला कि सरकारी जमीन में जेसीबी चलवा रहे हैं। एक पेड़ उखाड़ दिया। रोकने पर भी नहीं मान रहे। तीसरे वीडियो में कर्मचारी से पूछ रहे हैं कि रिटायरमेंट में कितना टाइम बच गया। तीसरा वीडियो : ठेकेदार, ठीक है भाई इसका पेड़ पाड़ ग्या, जो भी इसका बनता है, मैं देने को तैयार हूं। उसने जो भी कहीं खत्म कर, मैं गलती मान रहा हूं। जब उसको फोन किया तो बताया कि भाई मशीन पर चढ़कर चाबी काड़ रहा था, मैं साइड में खड़ी कर रहा था। जब कहा था। मैने कहा मशीन मैं नहीं जाने दूगां, तुमने जो करना है कर ले। मैं मशीन नहीं जानू दूंगा, फिर बाहर का आदमी बुलाया। यह सारा स्टाफ है, तुम तो स्टाफ है। वीडियो बना रखी है उनकी। पुलिस वाले बोले रोड पर खड़े हैं, थाने में चलकर बात करेंगे। वन विभाग के कर्मचारी बोले, थाने में चलेंगा जेसीबी ने सील कर दें। हो जागी कोई बात नहीं। जेबीसी ने पेड़ उखाड़ दिए। कौन से पेड़ थे। आपने पेड़ कौनी लागे जी। यूं भी कर्मचारी हैं मैं जांगलात महकमे तैं हूं। यूं अपना काम कर रहा है। इसमें पर्सनली खूंदक कहा तो आ गई। ठेकेदार बोले, इसने तो पर्सनली कर ली। आप प्रबुद्ध आदमी हो। मैं दो घंटे से भाईचारे में। आपने आकर गलती मान ली, वो ऑपरेटर है बाहर का है। उसने यहां का पता नहीं। आपका बड़पन दिखा दिया, गलती मान ली, वो भी आकर माने ना। दूसरा बोला, जेसीबी डेली यहीं खड़ी होती है, यहीं की है। बीच में पुलिस अधिकारी ने बोलने का प्रयास किया, वन विभाग कर्मी बोले, व्यक्तिगत कोई मामला होता ना, आपने जो टाइल लगाई हैं ना, इसमें भी हमारे पास पॉवर है बीच में से उखाड़ दां। रोड पर खड़ा करोगे, तो जुर्माना देना होगा रूल है जमीदार खेत के रास्ते के लिए यूज कर सकता है, उसका पैसा भरोगे, यहां खड़ी होती है। हमारे कौनी कुछ कोनी। जो बन सै वो बता दो, आपने तो कह दिया जो नुकसान हो गया मैं भर दूंगा। आपने तो 4 लाख भर दिए, हमे कितनी समस्या होती है। रोड पर खड़ा करोगे तो जुर्माना देगा पड़ेगा। 5वां वीडियो: इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में खूब बहस हुई। बीच में आए पुलिस कर्मी ने बोला, आप सरकारी कर्मचारी हो, अपनी कार्रवाई करो। कर्मी बोला वही तो कर रहा हूं, करने नहीं दे रहे। मशीन सील करनी है। तभी ठेकेदार बोला, लिआ तेरे डिपार्टमेंट से लैटर ले जा मशीन नै। मैं तेरे तै मशीन दे दूंगा के। लिया आफिशियल लैटर, ये डीएफओ का फोन तक नहीं उठा रहा। ये क्या काम करते हैं, फोन नहीं उठा रहा अपने डीएफओ का। कर्मी बोला, मेरा काम है, जवाब मिला ठीक है, मत उठावा ना फेर। उससे मेरे को क्या मतलब है। पुलिस कर्मी बोला, मैं आया हूं मेरे तो होगा तो ठीक, नहीं तो अपना प्रोसिजर करके चला जाउंगा। वन कर्मी बोला, आप करो ना आपको कौन रोक रहा है। मशीन यहीं खड़ी है, नंबर रहा इसका, कहां जाएगी। कहीं जाएगी तो इस पर नंबर रहा। धारा 52 के तहत वन विभाग की संपत्ति को नुकसान करने पर मौके पर सील कर सकते हैं। भारतीय वन अधिनियम ने यह पॉवर दे रखी है। ये कार्रवाई इसलिए कर रहे थे, ये मशीन पहले भी नुकसान कर चुकी है। ये पेड़ है, ये फोरेस्ट लैंड है सारी, इसका डायवर्ट कर दिया। ये तो सरकारी काम में बाधा है। फोन करोगे तो और फोर्स आएगी। जेसीबी पर्यावरण के लिए खतरा दिनांक 13-7-26 को फोन पर वन दरोगा ने सूचना दी। रेवाड़ी- महेंद्रगढ़ रोड पर वन विभाग की जमीन से जेसीबी द्वारा पेड़ उखाड़ने और जमीन को समतल करने का काम किया जा रहा है। मैं मौके पर पहुंचा तो पेड़ उखाड़ा मिला और मशीन पास खड़ी पाई। मशीन द्वारा इससे पहले भी सरकारी पेड़ को तोड़ा जा चुका है। जिसके लिए FOR NO 052/0185 व 053/0107 भी जाक की जा चुकी है। वन भूमि से बार-बार वन अपराध करने के कारण मशीन पर्यावरण के लिए खतरा बनी हुई है। सहतुत का 34 CM पेड़ जेसीबी द्वारा उखाड़कर गढ्डे में पड़ा हुआ पाया। आरोपी मौके से फरार होगया। उच्चाधिकारियों व स्टाफ के आने पर जेसीबी को कब्जे में ले लिया गया। मशीन मालिक द्वारा पेड़ काटने व मशीन का नियमानुसार 1,52,060 रुपए जुर्माना भरने पर मशीन को मौके पर छोड़ दिया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *