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लुधियाना के जगराओं इलाके में जहां संपत्ति विवाद के चलते सगे भतीजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी ही बुआ और उनके चचेरे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने दोनों को सरेआम गली में घसीटा और उनकी ही कार में अगवा कर लिया। लेकिन किस्मत ने साथ दिया और रास्ते में कार का टायर पंक्चर होने से महिला किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकली। जानकारी मुताबिक यह पूरी वारदात जगराओं के सिधवां बेट रोड स्थित प्राइम सिटी इलाके की है। शिकायत पीड़िता कुलवंत कौर (पत्नी लखवीर सिंह) ने थाना सदर जगराओं पुलिस को दी है। कुलवंत कौर मूल रूप से रामगढ़ भुल्लर थाना सदर जगराओं की रहने वाली हैं और हाल ही में प्राइम सिटी में रह रही हैं। कुलवंत कौर के बयानों के मुताबिक 9 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर पर मौजूद थीं। उनके साथ मायके (बादल पत्ती, जिला मोगा) से आया उनका चचेरा भाई जसविंदर सिंह भी मौजूद था। उसी दौरान कुलवंत का भतीजा अर्शदीप सिंह (निवासी बीट कंपनी, मोगा) उनके घर आया। अर्शदीप ने बुआ कुलवंत कौर पर निहाल सिंह वाला जमीन विवाद केस में अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया। जब कुलवंत कौर ने साफ कहा कि जब तक पैसों का लेन-देन क्लियर नहीं होता मैं कोर्ट में बयान नहीं दूंगी। हिसाब क्लीयर कर दो फिर बात करेंगे तो अर्शदीप भड़क गया। कुछ ही देर बाद अर्शदीप ने अपने बड़े भाई सुखचैन सिंह, चचेरे भाई चरणजीत सिंह, बहन के लड़के गगनदीप सिंह (निवासी शेरपुर कलां) आकाश और एक अन्य अज्ञात युवक को वहां बुला लिया। घर में घुसते ही इन सभी ने मिलकर कुलवंत कौर और जसविंदर सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। कार में अगवा कर लगाया चाइल्ड लॉक, उल्टी के बहाने बची जान
आरोपी इतने बेखौफ थे कि उन्होंने दोनों भाई-बहन को घर से निकालकर गली में घसीटा। इसके बाद आरोपियों ने जसविंदर सिंह की ही स्विफ्ट कार (नंबर PB-10-GD-9953) में दोनों को जबरन धकेल दिया और कार के अंदर से चाइल्ड लॉक लगा दिया ताकि वे बाहर न भाग सकें। आरोपी उन्हें अगवा कर ले जा रहे थे तभी रास्ते में अचानक गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया।
टायर से तेज आवाजें आने लगीं और आरोपियों को मजबूरन गाड़ी रोकनी पड़ी।
इसी दौरान कुलवंत कौर ने मौके की नजाकत को समझते हुए उल्टी आने का बहाना किया और जोर-जोर से शोर मचाने लगीं। जैसे ही एक आरोपी ने गाड़ी का दरवाजा खोला कुलवंत कौर तुरंत बाहर कूदीं और बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए पास के खेतों की तरफ भाग गईं।
महिला का शोर सुनकर और गांव वालों को आता देख आरोपी घबरा गए। वे जसविंदर की स्विफ्ट कार को उसी जगह छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए अगले ही दिन यानी 10 अक्टूबर को थाना सदर जगराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों अर्शदीप सिंह, सुखचैन सिंह, चरणजीत सिंह, गगनदीप सिंह, आकाश और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ BNS की धारा 140(3),115(2), 351(4), 324(5),191(3) और 190 के तहत क्रिमिनल केस दर्ज किया है।
इस पूरे मामले की तफ्तीश एएसआई (ASI) गुरमीत सिंह कर रहे हैं। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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