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इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने पंकज वर्मा एवं दो अन्य मामले में सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल तय किए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को नियत की है। जानिये क्या है सवाल 1. क्या विज्ञापन के पैराग्राफ 16 में दी गई शर्त, बिना किसी वैधानिक प्रावधान के मान्य ठहराई जा सकती है? 2. “अनारक्षित श्रेणी” का अर्थ क्या केवल अनारक्षित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित श्रेणी है, या इसे मेरिट के आधार पर खुली श्रेणी के रूप में भरा जाना चाहिए? 3. प्रारंभिक परीक्षा के बाद सूची तैयार करते समय, क्या यह केवल संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थियों तक सीमित रहेगी या अनारक्षित श्रेणी में मेरिट के आधार पर भरी जाएगी? 4. क्या प्रारंभिक परीक्षा के स्क्रीनिंग चरण में भी चयन की प्रक्रिया शामिल मानी जाएगी? अदालत ने स्पष्ट किया कि ये सभी प्रश्न फिलहाल तात्कालिक हैं और पक्षकारों के अधिवक्ताओं की अंतिम बहस सुनने के बाद ही इन पर निर्णय लिया जाएगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी, तथा राज्य की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी एवं अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा।
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लोक सेवा आयोग की एपीओ भर्ती मामला:भर्ती विज्ञापन की शर्त और आरक्षण नियमों पर अहम सवाल तय
