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मुंबई में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को सचिन वाजे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि वाजे असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रहते मर्सिडीज और BMW से पुलिस कमिश्नर के कार्यालय और मुख्यमंत्री के बंगले तक जाते थे। वाजे 2021 के एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के आरोपी हैं। कोर्ट ने इन बातों को वाजे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जोड़कर देखा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने वाजे की जमानत पर रोक 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। वह फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में ही रहेंगे। NIA की याचिका पर सुनवाई जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने यह टिप्पणी की। कोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अपील पर सुनवाई कर रहा है। NIA ने विशेष अदालत के 29 सितंबर के जमानत आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। गुरुवार को NIA की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह गवाहों के बयान पढ़ रहे थे। इनमें बताया गया था कि वाजे मर्सिडीज और BMW जैसी महंगी कारें चलाते थे। कोर्ट ने पूछा कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी इतनी महंगी कारें कैसे चला सकता है। बेंच ने कहा, “यह व्यक्ति API रैंक का था। वह उसी इमारत में स्थित अपने कार्यालय तक मर्सिडीज से जाता था, जहां पुलिस कमिश्नर का कार्यालय था। वह मर्सिडीज से वर्षा बंगले तक भी गया था।” वर्षा मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है। ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल कोर्ट ने वाजे के ओबेरॉय होटल में तीन महीने से ज्यादा समय तक ठहरने पर भी सवाल उठाए। जस्टिस कुलकर्णी ने पूछा, “वह ओबेरॉय होटल में 100 दिन तक कैसे रहा या कमरा कैसे बुक कराया? क्या यह सब API की सैलरी से संभव है? API रैंक के अधिकारी को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है?” अनिल सिंह ने कहा कि API की सैलरी 90 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होती। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि ये सभी बातें वाजे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जुड़ी हैं। एंटीलिया के बाहर मिली थी विस्फोटक भरी SUV 25 फरवरी 2021 को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी एक SUV मिली थी। कारोबारी मनसुख हिरेन के पास यह SUV थी। आरोप है कि उनके पास से इसे चोरी किया गया था। 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव पड़ोसी ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। बेंच ने यह भी पूछा कि अंबानी के घर के बाहर छोड़ी गई कार के अंदर बैग में मिले जिलेटिन स्टिक वाजे ने कहां से खरीदे थे। हाईकोर्ट ने कहा, “क्या यह दिखाने वाला कोई सबूत है कि जिलेटिन स्टिक कहां से खरीदी गईं? इन्हें बेचने के लिए लाइसेंस की जरूरत हो सकती है। इसी तरह खरीदने के लिए भी लाइसेंस जरूरी हो सकता है।” अनिल सिंह ने कहा कि अभियोजन को यह जानकारी नहीं है कि जिलेटिन स्टिक कहां से खरीदी गई थीं। उन्होंने कहा कि वाजे ने जांच में सहयोग नहीं किया। NIA ने कहा- कोई शर्त वाजे के लिए पर्याप्त नहीं होगी कोर्ट ने पूछा कि वाजे को कड़ी शर्तों के साथ जमानत देने पर क्या नुकसान होगा। कोर्ट ने यह सवाल इसलिए किया, क्योंकि वाजे पांच साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। अनिल सिंह ने कहा कि वाजे जैसे व्यक्ति के लिए कोई भी शर्त पर्याप्त कड़ी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वाजे का आचरण ऐसा है कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूत नष्ट कर सकते हैं। सिंह ने कहा, “वाजे पर पहले फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोप लगा था। वह जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी वाला पुलिस अधिकारी था। लेकिन उसने खुद आपराधिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। उसने न सिर्फ डर और आतंक पैदा करने की कोशिश की, बल्कि एक व्यक्ति की हत्या भी की।” सिंह ने कहा कि NIA मामले की सुनवाई तुरंत शुरू करने के लिए तैयार है। इसमें करीब 150 गवाहों से पूछताछ की जाएगी। कोर्ट इस याचिका पर 14 अक्टूबर को सुनवाई जारी रखेगा। बेंच ने तब तक वाजे की जमानत पर रोक बढ़ा दी है। 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार हुआ था वाजे NIA ने वाजे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े संयुक्त मामले में हुई थी। बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच वाले भ्रष्टाचार मामले में भी वाजे को आरोपी बनाया गया। इस मामले में वाजे को जमानत मिल चुकी है। विशेष अदालत के जमानत आदेश को NIA ने चुनौती दी सत्र अदालत ने वाजे को जमानत देते हुए कहा था कि NIA सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवाद का प्रथमदृष्टया मामला साबित नहीं कर सकी। अदालत ने यह भी कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे साबित हो कि वाजे के कथित कृत्य से अंबानी परिवार में आतंक पैदा हुआ था। NIA ने अपनी अपील में विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की है। एजेंसी ने इसे “गैरकानूनी और कानून की नजर में गलत” बताया है। NIA ने अंतरिम राहत के तौर पर इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। एजेंसी ने कहा कि वाजे को राहत देने का विशेष अदालत का फैसला “पूरी तरह गलत” था। NIA के मुताबिक, वाजे का इरादा आतंक पैदा करना था और वह हत्या के आरोपी भी हैं।
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वाजे की महंगी कारों,ओबेरॉय में रहने पर हाईकोर्ट हैरान:NIA ने कहा- जमानत पर भी गवाह प्रभावित कर सकता है, एंटीलिया मामले में सुनवाई
