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सिटी रिपोर्टर | बोकारो शिक्षा में बदलाव, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (एएसआईएससी) का 38वां दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन एवं वार्षिक आमसभा शुक्रवार को बोकारो में शुरू हुआ। सेंट जेवियर्स स्कूल, बोकारो की मेजबानी में नगर भवन स्थित शिबू सोरेन स्मृति सभागार में आयोजित सम्मेलन की थीम ‘परिवर्तन के लिए शिक्षा’ रखी गई है। इसमें आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के 150 से अधिक प्राचार्य, शिक्षाविद और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिया रंजन मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलते समय और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी होना चाहिए। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर शैक्षिक सुधार पर ध्यान देना जरूरी है। मुख्य वक्ता रेव. फादर डॉ. एसएम जॉन केनेडी, एसजे ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विचार रखे। कहा कि बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों में बदलाव और विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना जरूरी है। सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने, मूल्यांकन पद्धति में सुधार तथा कौशल और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा को विद्यार्थी-केंद्रित, कौशल-आधारित और समावेशी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। एएसआईएससी की अध्यक्ष मैरी अल्फोंसा, उपाध्यक्ष फादर कुरियन थ्रिक्कोडनमेलिल टीओआर, सचिव क्रिस्टोफर एंजेलो फ्रांसिस, कोषाध्यक्ष फादर मनोज कुल्लू टीओआर और क्षेत्रीय खेल समन्वयक जोएल जे. एडविन उपस्थित रहे। इनके अलावा रांची के क्षेत्रीय समन्वयक फादर फुलदेओ सोरेंग, देवघर के फादर ब्राविंथ शेरिफ, जमशेदपुर की प्रीति सिन्हा, धनबाद-बोकारो के फादर अरुण मिंज, पटना की फरहत खान और भागलपुर के एसएस समज ने भी भाग लिया।
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शिक्षा में बदलाव व नवाचार से ही छात्रों का सर्वांगीण विकास संभव : प्रिय रंजन
