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सहरसा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से सहरसा जिले में पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के भीतर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के चार प्रखंडों की 35 पंचायतों में कोसी का पानी फैल चुका है। कई गांवों में पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित है। नवहट्टा प्रखंड की केदली पंचायत में क्लोजर बांध के पास तीन दर्जन से अधिक घरों में पानी घुस गया है। घर-आंगन डूबे; मवेशियों के चारे का संकट ग्रामीण रूना देवी ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे कोसी का जलस्तर बढ़ा। इसके बाद पानी घर और आंगन में घुस गया। जनजीवन पूरी तरह बिगड़ गया है। मवेशियों के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। नाव ही बनी आवाजाही का सहारा रामचंद्र मुखिया ने बताया कि रविवार सुबह से उनके घर का चूल्हा नहीं जल सका। इलाके से बाहर निकलने का एकमात्र साधन नाव है। लोग किसी तरह सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंच रहे हैं। दिनेश मुखिया और संध्या देवी ने बताया कि घरों में पानी भरने के साथ हैंडपंप भी डूब गए हैं। सीओ बोलीं- पानी धीरे-धीरे निकल रहा ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। लोगों ने प्रशासन से राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। नवहट्टा की अंचलाधिकारी मोनी बहन ने बताया कि कई इलाकों में पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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सहरसा के 4 प्रखंडों की 35 पंचायतों में फैला पानी:कोसी का कहर, 36 से ज्यादा घर डूबे; चूल्हा तक नहीं जला, नाव के सहारे आवाजाही
