Headlines

साइबर ठगी की रकम 903 ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट में भेजी:लखनऊ में 95.65 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी की जांच में खुलासा, 44 लाख कराए फ्रीज




लखनऊ में साइबर ठग अब ठगी की रकम छिपाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट और वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। बड़ी रकम को सीधे एक एकाउंट में रखने के बजाय छोटी-छोटी धनराशि कई बैंक खातों और गेमिंग अकाउंट में ट्रांसफर की जा रही है। इसके बाद रकम को कई स्तरों पर सर्कुलेट कर उसका मूल स्रोत और अंतिम जालसाज तक पहुंचना मुश्किल बनाया जाता है। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस की रुपए के लेन देन की जांच में यह पैटर्न सामने आया है। एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत साइबर क्राइम पुलिस विभिन्न मामलों में ठगी की रकम के वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। हाल ही में 25 सितंबर को करीब 95.65 लाख रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई थी। CBI-ED अधिकारी बनकर डराया, 95.65 लाख ट्रांसफर कराए जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने खुद को CBI और ED का अधिकारी बताकर पीड़ित को WhatsApp कॉल और वीडियो कॉल की। उसे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस की वित्तीय जांच में करीब 44 लाख रुपए की रकम को लियन के जरिए सुरक्षित कराया गया। दो खातों से 903 गेमिंग अकाउंट तक पहुंची रकम पुलिस के मुताबिक, आगे की मनी ट्रेल की जांच में गुवाहाटी और रांची के दो प्राथमिक बैंक खाते सामने आए। इन खातों से ठगी की रकम आगे 903 ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट्स में ट्रांसफर किए जाने का पता चला है। पुलिस अब इन गेमिंग अकाउंट्स, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण कर रही है। छोटी रकम में बांटकर छिपाते हैं ट्रेल पुलिस जांच में सामने आया है कि गेमिंग अकाउंट और वॉलेट के जरिए रकम को छोटी-छोटी धनराशि में कई खातों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे ठगी की रकम का फाइनेंशियल ट्रेल कई स्तरों में बंट जाता है। पुलिस ऐसे मामलों में रकम के वास्तविक स्रोत और अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस की अपील—खाते से न कराएं संदिग्ध ट्रांजेक्शन किसी दूसरे व्यक्ति के गेमिंग ट्रांजेक्शन के लिए अपना बैंक खाता या UPI उपलब्ध न कराएं। अनजान व्यक्ति के कहने पर गेमिंग अकाउंट या वॉलेट में पैसे ट्रांसफर न करें। कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपने खाते में रकम लेकर आगे ट्रांसफर न करें। खाते में आई अनजान या संदिग्ध रकम को किसी गेमिंग अकाउंट में आगे न भेजें। संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर UPI ID, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर, ट्रांजेक्शन ID और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। किसी के दबाव में खाते का इस्तेमाल पैसे रिसीव या ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर होने वाले किसी भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का हिस्सा न बनें। बैंक खाते या UPI को किसी दूसरे व्यक्ति की रकम रिसीव या ट्रांसफर करने का माध्यम न बनने दें। साइबर ठगी होने या खाते में संदिग्ध रकम आने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *