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सावन का पहला सोमवार:ब्रज के शिवालयों पर पहुंच रहे कांवरिए, पुलिस ने सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम




सावन के पहले सोमवार पर शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना करने के लिए शिवालयों पर पहुंच रहे हैं। देर रात से ही शिव भक्त गंगा घाटों से गंगा जल कांवर में लेकर आ रहे हैं। कोई 51 किलो की,कोई 21 किलो की तो कोई डाक कांवर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ला रहा है। शिव भक्तों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मथुरा को 7 जोन 44 सेक्टर में बांटा गया है। शिव के जयकारों से गुंजायमान हो उठी ब्रजभूमि सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों पर कांवर चढ़ाने को लेकर शिव भक्तों में उत्साह देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए शिव भक्त कांवर लेकर शिव मंदिरों की तरफ जाते दिखाई दिए। देर रात से ही ब्रज के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया। भगवान शिव पर गंगाजल चढ़ाने के लिए युवक कई दिन पहले ही गंगा घाटों की तरफ रवाना हो गए। कोई हरिद्वार से तो कोई रामघाट से गंगा जल कांवर में रखकर लाया। 7 जोन 44 सेक्टर में बांटा मथुरा सावन में कांवरियों को सुगमता और सुरक्षित आवागमन के लिए मथुरा को पुलिस ने 7 जोन और 44 सेक्टर में बांटा है। सावन माह में कांवर यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां के प्रमुख 41 शिव मंदिरों पर विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए महत्वपूर्ण रास्तों पर प्रमुख ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं। कांवर यात्रा मुख्य रूप से 6 रास्तों पर होकर निकलती है। जिसमें सोरों कासगंज से आने वाले कांवरिए राया,जमुनापार,कृष्णापुरी,कोतवाली होते हुए भरतपुर मार्ग से राजस्थान में प्रवेश करते हैं। वहीं मथुरा,वृंदावन,गोवर्धन जाने वाले कांवरियों के लिए 6 नंबर रूट रहेगा। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा इंतजाम एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हॉट स्पॉट चिन्हित कर वहां विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पुलिस कांवरियों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण जलाभिषेक कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यातायात प्रबंधन और डायवर्ट प्लान भी सख्ती से लागू किए गए हैं। जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। इन मंदिरों पर दिख रही भीड़ सावन के पहले सोमवार पर शिव भक्तों की भीड़ वैसे तो हर शिवालयों पर है। लेकिन सबसे ज्यादा वृंदावन के गोपेश्वर,मथुरा के भूतेश्वर,गोकुल के चिंताहरण महादेव,गोवर्धन के चकलेश्वर,नंदगांव के आशेश्वर महादेव मंदिर पर दिख रही है। मंदिरों पर विशेष सजावट की गई है। सुबह के समय जहां जलाभिषेक किया जा रहा है वहीं शाम को भगवान भोलेनाथ का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा।



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