![]()
सुखना चो के ऊपर बापूधाम-शास्त्री नगर के पास लंबे समय से प्रस्तावित हाईलेवल ब्रिज का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। करीब 16.6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह पुल करीब 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा होगा। इसमें चार लेन के साथ साइकिल ट्रैक और दोनों तरफ दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ होंगे। निर्माण कार्य करीब एक साल चलने की संभावना है। पुल के निर्माण के दौरान मौजूदा सड़क को बंद किया जाएगा। इससे मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक पर ट्रैफिक प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में वाहनों के मध्य मार्ग की ओर डायवर्ट होने की आशंका है। पहले से ही भारी ट्रैफिक का दबाव झेल रहे मध्य मार्ग पर इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौजूदा निचला कॉजवे बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है। इसके कारण चंडीगढ़-पंचकूला के बीच संपर्क बार-बार प्रभावित होता है। हाईलेवल ब्रिज बनने के बाद यहां हर मौसम में आवाजाही संभव हो सकेगी। इसके साथ ही सैक्टर 26 के टी-जंक्शन को भी दोबारा विकसित किया जाएगा। निर्माण शुरू होने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूरी पुल का निर्माण शुरू होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। निर्माण के दौरान सड़क बंद रहने से पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क की ओर से आने-जाने वाले वाहनों पर असर पड़ेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना झील और चंडीगढ़ के उत्तरी सैक्टरों की ओर जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यूटी के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस समेत संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर वैकल्पिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक बंद होने के बाद मध्य मार्ग पर ट्रैफिक का बड़ा दबाव आ सकता है। किशनगढ़ रोड को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा विभाग के अनुसार किशनगढ़ से सुखना चो के किनारे जाने वाली सड़क का इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा सैक्टर 26 से भी ट्रैफिक डायवर्ट करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि गांव से गुजरने वाली संकरी सड़क पर अतिरिक्त ट्रैफिक संभालने की क्षमता सीमित है। फिलहाल निर्माण के दौरान लागू होने वाली अंतिम ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार नहीं हुई है। ऐसे में रोजाना पंचकूला और चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले लोगों को अगले एक साल तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
Source link
