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साल 2011 में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी सुनीता बावा:15 साल में दो बार पेपर देकर बनी सब इंस्पेक्टर, विजिलेंस व पुलिस विभाग के पास भ्रष्टाचार की अनेके शिकायतें




मोगा में नशा तस्करी के मामले में नामजद ना करने के बदले एक लाख रुयये की रिश्वत मांगने व 50 हजार रुपये की रिश्वत लेेते हुए रंगे हाथों विजिलेंस विभाग द्वारा गिरफ्तार की गई मोगा जिले के गांव’कोट इसे खां’ थाने की चर्चित SHO सुनीता बावा पंजाब पुलिस में साल 2011 में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी। जिसके बाद उसने पंजाब पुलिस विभाग का बी-1 पेपर देक हेड कांस्टेबल की तरीकी हासिल की। जिसके बाद कुछ समय बाद उसने फिर से पेपर देकर सब इंस्पेक्टर की तरीकी हासिल की। सब इंस्पेक्टर का पद मिलने के बाद वह मोगा जिले के विभिन्न थानों में बतौर एसएचओ रह चुकी है, जबकि गिरफ्तार होने से पहले वह गांव’कोट इसे खां’ थाने की एसएचओ थी।

भ्रष्टाचार को लेकर विजिलेंस के पास है दर्जनों शिकायतें
आरोपी सुनीत बावा पर भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उसके खिलाफ दर्जनों शिकायतें पुलिस विभाग व विजिलेंस विभाग के पास पहुंची हुई है, जिनमें कई शिकायतों की जांच अभी चल रही है। विजिलेंस विभाग ने आरोपी इंस्पेक्टर की लंबित पड़ी शिकायतों की जांच एक बार फिर से शुरू कर दी है, जबकि विजिलेंस पुराने शिकायतकर्ता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, ताकि मामले को ओर मजबूत किया जा सके। कॉल डिटेल्स और संपर्कों की गहन पड़ताल
विजिलेंस ब्यूरो यह पता लगाने में जुटा है कि सुनीता बावा के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। विजिलेंस अधिकारी सुनीता बावा और उनके गनमैन गुरअवतार सिंह के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स की तकनीकी जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले किन-किन नंबरों पर लगातार बातचीत हुई थी। फोन से डिलीट किए गए संदेशों, चैट्स और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह पहली बार था या इस खेल का पुराना नेटवर्क चल रहा था।
बिचौलियों की तलाश
पुलिस विभाग या बाहरी लोगों में ऐसे कौन लोग हैं ,जो इस तरह के मामलों में मिलीभगत या मध्यस्थता करते थे। किन लोगों के जरिए मामलों को रफा-दफा किया जाता था, इसकी एक-एक कड़ी जोड़ी जा रही है। वहीं एक महिला इंस्पेक्टर के पास अवैध कमाई का कितना साम्राज्य है, यह जानने के लिए विजिलेंस अब उनकी संपत्तियों की फाइलों को खंगाल रही है। सुनीता बावा और उनके परिवार के नाम पर दर्ज मकान, प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टी या कृषि भूमि के कागजात जुटाए जा रहे हैं।
आय से अधिक संपत्ति का एंगल
विजिलेंस इस बात की जांच कर रही है कि उनकी वैध सैलरी के मुकाबले उनकी संपत्ति में कितना असंतुलन है। यदि उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है, तो आने वाले दिनों में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और नया मामला दर्ज किया जा सकता है। उनके और उनके करीबियों के बैंक खातों, फिक्स डिपाजिट और बैंक लॉकरों की जानकारी हासिल करने के लिए बैंकों को पत्र लिखने की तैयारी कर ली है। पिछले कार्यकालों और थानों की फाइलों की समीक्षा
चूंकि सुनीता बावा पहले भी कई अन्य संवेदनशील थानों में तैनात रह चुकी हैं, इसलिए विजिलेंस अब उनके पुराने कार्यकालों की भी समीक्षा कर रही है। उनके पिछले थानों में दर्ज उन मामलों को खंगाला जा रहा है जिन्हें संदिग्ध तरीके से रफा-दफा किया गया था या जिनमें फाइलें अटकाई गई थीं। पूर्व में उनके खिलाफ यदि कोई शिकायतें दी गई थीं, तो विजिलेंस उन्हें भी दोबारा फाइल पर लाकर यह जांच कर रही है कि भ्रष्टाचार का यह दायरा कितना पुराना और फैला हुआ था।



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