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सुपौल-10 हजार रुपए-मोबाइल के लिए हुई थी दोस्त की हत्या:गमछे से घोंटा गला, नहर किनारे फेंका था शव; 48 घंटे में 2 आरोपी अरेस्ट




सुपौल के छातापुर थाना क्षेत्र में महज 10 हजार रुपये और मोबाइल फोन के लिए दोस्तों ने ही अपने दोस्त सुलचन मुखिया की हत्या कर दी। 5 अक्टूबर से लापता सुलचन को आरोपियों ने पार्टी करने के बहाने बुलाया था। पार्टी के दौरान मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपियों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को रानीपट्टी नहर के पास फेंक दिया। पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पार्टी के बहाने बुलाया, पैसों को लेकर हुआ विवाद एसडीपीओ दिलीप कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुलचन मुखिया के पास मजदूरी के करीब 10 हजार रुपये थे। आरोपी उसे पार्टी करने के बहाने अपने साथ ले गए। पार्टी के दौरान रुपयों को लेकर सुलचन और आरोपियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद जेब से निकाले 10 हजार और मोबाइल पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने सुलचन की जेब से करीब 10 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन निकाल लिया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को घसीटकर रानीपट्टी नहर के पास ले गए और वहां फेंक दिया। 6 अक्टूबर को नहर किनारे से सुलचन का शव बरामद किया गया था। एसपी ने संभाली कमान, 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी शरथ आरएस ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गई। एफएसएल टीम, स्वान दस्ता और जिला तकनीकी शाखा की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और 48 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छातापुर के आकाश और विकास गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छातापुर वार्ड नंबर-11 निवासी आकाश कुमार, पिता मोहन मुखिया और वार्ड नंबर-14 निवासी विकास कुमार, पिता धीरेन्द्र राम के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी के आवेदन पर छातापुर थाने में कांड संख्या 301/26 दर्ज किया गया है। मामले में चार नामजद आरोपियों के अलावा 4-5 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। 10 हजार और मोबाइल की बरामदगी के लिए छापेमारी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। हत्या में शामिल अन्य लोगों और उनके सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस मृतक से छीने गए 10 हजार रुपये, मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल सामान की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में एसडीपीओ दिलीप कुमार, छातापुर थानाध्यक्ष प्रमोद झा, एसआई भास्कर भारती, एसआई प्रयाग साह, जिला तकनीकी शाखा के सिपाही और छातापुर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।



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