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किताबों से जानिए, आखिर क्यों करियर, रिश्ते, आदतें और अपने बारे में हमारी सोच के आधार पर किए गए चुनाव आगे चलकर बड़ा असर डालते हैं? पछतावा सिखाता है कि आगे क्या बदलना है
पछतावे को हम अक्सर अपनी कमजोरी समझते हैं, लेकिन हर पछतावा हमें अपने बारे में कुछ सिखाता है। जो फैसला हमें आज गलत लगता है, उसके पीछे उस समय की जरूरतें, डर और परिस्थितियां थीं। पुराने फैसलों के लिए खुद को लगातार दोष देने के बजाय उनसे सीखें। पछतावा हमें बताता है कि आगे हमें क्या बदलना है। (द पावर ऑफ रिग्रेट -डैनियल एच.पिंक) अपनी जरूरतों को समझकर फैसले करें
हमारे छोटे-छोटे फैसले धीरे-धीरे हमारे भविष्य का आकार बनाते हैं। करियर, रिश्ते, आदतें और अपने बारे में हमारी सोच- इन सब पर किए गए चुनाव आगे चलकर बड़ा असर डालते हैं। यह सोचें कि आज आप जिस दिशा में एक छोटा कदम बढ़ा रहे हैं, वह आपको कहां ले जा सकता है। अपने फैसलों को अपनी जरूरत को समझकर लें। (द डिफाइनिंग डेकेड -मेग जे) जिंदगी को उपलब्धियों की सूची न बनाएं
हम सोचते हैं कि हमारे पास समय कम है, जबकि असली समस्या यह होती है कि हमारा ध्यान बहुत जगह बंटा है। अपनी जिंदगी को केवल उपलब्धियों की सूची न बनाएं। यह भी देखें कि आपका समय उन चीजों में जा रहा है या नहीं, जिन्हें आप सच में महत्वपूर्ण मानते हैं। जब हम हर पल को जीना सीखते हैं, तो समय जिंदगी का हिस्सा लगता है। (द स्कल्प्चर ऑफ टाइम -निकोलस लेमैन) सही साबित होने से ज्यादा सही समझने पर ध्यान दें
हम अक्सर वही बातें आसानी से मानते हैं जो हमारी पहले से बनी सोच को सही साबित करती हैं। लेकिन सीखने के लिए जरूरी है हम खुद से यह पूछें- क्या मैं गलत हूं? अपनी राय बदलना कमजोरी नहीं है। हर नई जानकारी को अपने पक्ष या विरोध में देखने के बजाय उसे समझने की कोशिश करें। जब हम सही साबित होने से ज्यादा सही समझने पर ध्यान देते हैं, तब फैसले भी ज्यादा साफ दिखाई देने लगते हैं और मन भी अनावश्यक बहस से बचता है। (द स्काउट माइंडसेट -जूलिया गैलेफ)
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सेल्फ हेल्प किताबों से:अपने पुराने फैसलों से सीख लें
