4 घंटे पहले
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मंगलवार, 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी यानी डोल ग्यारस है। गणेश उत्सव के दिनों में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश के साथ ही विष्णु जी, श्रीकृष्ण और मंगल ग्रह की पूजा एक साथ करने का शुभ योग बन रहा है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, एक माह में दो एकादशियां पड़ती हैं और यह व्रत भगवान विष्णु जी कृपा पाने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि एकादशी व्रत और पूजा से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस व्रत में अन्न का त्याग किया जाता है। जो लोग पूरे दिन भूखे नहीं रह पाते हैं, वे एक समय फलाहार करते हैं, दूध और फलों के रस का सेवन करते हैं।
दूर्वा चढ़ाकर करें गणेश पूजा
एकादशी पर सबसे पहले प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। गणेश जी को जल चढ़ाएं। दूर्वा, हार-फूल अर्पित करें। जनेऊ चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। मोदक का भोग लगाएं। पूजा में गणेश जी के मंत्र ऊँ गं गणपतयै नम: का जप करें।
महालक्ष्मी के साथ करें भगवान विष्णु का अभिषेक
जो लोग एकादशी व्रत करते हैं, उन्हें इस तिथि पर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। घर के मंदिर में गणेश पूजन के बाद महालक्ष्मी के साथ विष्णु जी की पूजा और एकादशी व्रत करने का संकल्प लें। व्रत करने वाले व्यक्ति को दिन में एक बार सिर्फ फलाहार करना चाहिए।
भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। पंचामृत दूध, दही, घी, मिश्री और शहद मिलाकर बनाते हैं। हार-फूल और लाल-पीले वस्त्रों से भगवान का श्रृंगार करें। पूजा में ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। पूजा के बाद भगवान से क्षमा याचना करें।
एकादशी पर पूरे अपने इष्टदेव का ध्यान करना चाहिए। व्रत करने के बाद अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर सुबह फिर से भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं, इसके बाद स्वयं खाना खाएं। इस तरह एकादशी व्रत पूरा होता है।
मंगल ग्रह के लिए करें मसूर की दाल का दान
जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह से संबंधित दोष हैं, उन लोगों को हर मंगलवार मंगल ग्रह की पूजा करने की सलाह दी जाती है। एकादशी और मंगलवार के योग में मंगल ग्रह की भी पूजा करें। मंगल की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। शिवलिंग पर लाल गुलाल, लाल फूल, मसूर की दाल चढ़ाएं। शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। मंगल ग्रह के लिए जरूरतमंद लोगों को मसूर की दाल का दान करें। मंगलवार को हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।

