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किताबों से जानिए, मन को शांत होने का समय देना क्यों जरूरी है? छोटे कदम भी प्रगति ही हैं, निरंतर आगे बढ़ते रहें
अधिकांश लोग अपनी खुशी की तुलना उस जगह से करते हैं जहां वे अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इसलिए उपलब्धियां भी उन्हें अधूरी लगती हैं। लेकिन यदि नजर इस बात पर जाए कि कुछ समय पहले हम कहां थे और आज कहां पहुंच चुके हैं, तो आत्मविश्वास अपने आप बढ़ता है। हर छोटा कदम प्रगति है। (द गैप एंड द गेन -डैन सुलिवन) भावनाओं को अपने फैसलों पर हावी न होने दें
भावनाएं हमारे जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें हमारे फैसलों का मालिक न बनाएं। गुस्सा, डर, निराशा कुछ समय के लिए आते हैं, लेकिन यदि हम उसी पल निर्णय लेंगे, तो बाद में पछताना पड़ता है। मन को शांत होने का समय दें। भावनाओं को समझना सीखें, तो परिस्थितियां बेहतर संभाल पाते हैं। (मास्टर योर इमोशंस -थिबो म्यूरिस) अतिरिक्त प्रयास आपको भीड़ से अलग कर देगा
जब लगे कि अब और नहीं हो सकता, उसी समय एक कदम और बढ़ाने का प्रयास करें। एक फोन कॉल और.. एक पन्ना और.. पांच मिनट और अभ्यास.. बस, यही अतिरिक्त प्रयास लोगों को भीड़ से अलग बनाते हैं। असाधारण सफलता चमत्कार से नहीं, हर दिन किए अतिरिक्त प्रयास से मिलती है। (द पावर ऑफ वन मोर -एड माइलेट) कोशिश करने वाला ही समाधान तक पहुंचता है
किसी मुश्किल का सबसे बड़ा दुश्मन हार मानना है। मन में विश्वास बना रहे कि हर चुनौती का कोई रास्ता जरूर होगा, तो सोच बदलती है। हर जवाब तुरंत नहीं मिलता। कोशिश करने वाला समाधान तक पहुंच ही जाता है। सफलता का आधार विश्वास है। हर समस्या समझी, सुलझाई जा सकती है। (एवरीथिंग इज फिगरआउटेबल -मैरी फोरलिओ)
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सेल्फ हेल्प किताबों से:अपनी भावनाओं को समझना शुरू करें
