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सोनीपत में एक 10 वर्षीय बच्चे के साथ कथित मारपीट, करंट लगाने और अमानवीय व्यवहार के मामले की बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ. राज सिंह सांगवान ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बच्चे के मानवाधिकारों और बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन बताया। रोहतक चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के पूर्व चेयरमैन डॉ. सांगवान ने दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ ऐसी क्रूरता पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए, बल्कि न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ‘थर्ड डिग्री जैसा बर्ताव करना और करंट लगाना गैर-कानूनी’ डॉ. सांगवान ने बताया कि चोरी के संदेह मात्र पर किसी बच्चे को खुद सजा देना, थर्ड डिग्री जैसा बर्ताव करना और करंट लगाना पूरी तरह गैर-कानूनी है। यदि बच्चे से कोई गलती हुई भी थी, तो इसकी सूचना पुलिस या बाल संरक्षण तंत्र को दी जानी चाहिए थी, कानून अपने हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने हरियाणा पुलिस से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने और दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। ‘आरोपियों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए’ डॉ. सांगवान ने यह भी मांग की कि बच्चे को बेरहमी से प्रताड़ित करने वाले आरोपियों का मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर मानसिकता वाले लोगों की मानसिक स्थिति की जांच समाज की सुरक्षा और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से आग्रह किया कि सभी पुलिसकर्मियों को बाल संरक्षण कानूनों और पोक्सो अधिनियम जैसे विषयों पर नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। इससे पुलिस में संवेदनशीलता बढ़ेगी और मामलों में लापरवाही या अनुचित समझौते की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
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सोनीपत बाल प्रताड़ना मामला, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग:पूर्व CWC चेयरमैन बोले-हत्या के प्रयास का केस दर्ज हो, बच्चों से क्रूरता बर्दाश्त नहीं
