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सोनीपत जिले के गन्नौर तहसील में तैनात तहसीलदार ललिता को हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी आदेश में राज्यपाल की ओर से निलंबन को मंजूरी दी गई है। निलंबन के साथ ही सरकार ने उनका मुख्यालय भी बदल दिया है। अब निलंबन अवधि के दौरान तहसीलदार ललिता का मुख्यालय उपायुक्त कार्यालय, भिवानी रहेगा। जानकारी के मुताबिक, सोनीपत डीसी नेहा सिंह सप्ताह में एक दिन सीएम विंडो की समीक्षा बैठक लेती हैं। गन्नौर तहसीलदार ललिता के खिलाफ समाधान शिविरों और सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के निपटारे में गंभीरता न बरतने तथा एसआईआर से जुड़े कार्यों में लापरवाही की शिकायतें थीं। इसके अलावा वह समाधान शिविरों और सीएम विंडो की समीक्षा बैठकों में भी गैरहाजिर रही थीं। इसे लेकर डीसी ने शुरुआत में चेतावनी नोटिस जारी किए थे। विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गन्नौर की तहसीलदार ललिता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। यह आदेश हरियाणा की वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, आईएएस की ओर से जारी किया गया है। आदेश के बाद अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भिवानी होगा निलंबन अवधि का मुख्यालय सरकार ने निलंबन अवधि में तहसीलदार ललिता का मुख्यालय उपायुक्त, भिवानी का कार्यालय निर्धारित किया है। उन्हें निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय पर उपस्थित रहना होगा। साथ ही उपायुक्त भिवानी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में आदेश में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। 6 महीने मिलेगा निर्वाह भत्ता निलंबन आदेश के अनुसार, पहले 6 महीनों के दौरान तहसीलदार ललिता को हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स, 2016 के नियम 83 के तहत निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह राशि उस अवकाश वेतन के बराबर होगी, जो आधे वेतन पर अवकाश की स्थिति में देय होती है। इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र देना होगा कि निलंबन अवधि के दौरान वह किसी अन्य रोजगार, कारोबार, पेशे या व्यवसाय में शामिल नहीं हैं। डीसी को चार्जशीट तैयार करने के निर्देश सरकार ने आदेश की प्रति उपायुक्त सोनीपत को भेजकर निर्देश दिया है कि निलंबन आदेश तहसीलदार ललिता को उसी दिन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उनके खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विसेज (पेनल्टी एंड अपील) रूल्स, 2016 के नियम-7 के तहत ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार करने को कहा गया है। चार्जशीट के साथ संबंधित सभी रिकॉर्ड भी सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। भिवानी डीसी को भुगतान की जिम्मेदारी आदेश की प्रति उपायुक्त भिवानी को भी भेजी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान तहसीलदार को किसी रिक्त पद के विरुद्ध निर्धारित नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ते का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। विभाग की ओर से यह आदेश 31 अगस्त को चंडीगढ़ से जारी किया गया था। इसके बाद 1 सितंबर को एंडोर्समेंट जारी कर संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रतियां सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गईं। अब तहसीलदार ललिता के खिलाफ विभागीय जांच आगे बढ़ेगी और चार्जशीट के जरिए उनके खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों व संबंधित रिकॉर्ड की औपचारिक जांच की जाएगी।
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सोनीपत में गन्नौर की तहसीलदार सस्पेंड:SIR में लापरवाही और मीटिंग में कम आने के आरोप; DC ने दी थी चेतावनी
