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जिले के किसानों को बारिश और बिजली पर निर्भर सिंचाई व्यवस्था से राहत दिलाने की दिशा में सौर ऊर्जा आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। योजना के तहत विभिन्न प्रखंडों में 2 एचपी क्षमता वाली सौर ऊर्जा संचालित लिफ्ट सिंचाई इकाइयां स्थापित की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग से संभावित स्थलों की स्थलवार सूची मांगी गई है। विभाग स्तर पर सूची तैयार करने का काम चल रहा है। योजना के तहत नदी, नाला, तालाब सहित अन्य जलस्रोतों के आसपास स्थित ऐसे खेतों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है, जहां जलस्रोत तो मौजूद हैं, लेकिन ऊंचाई या बिजली की उपलब्धता नहीं होने के कारण खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल होता है। सोलर पंप के माध्यम से जलस्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पंप या बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसानों को कम खर्च में सिंचाई की सुविधा मिलेगी सौर ऊर्जा आधारित लिफ्ट सिंचाई व्यवस्था किसानों के लिए कम खर्च में सिंचाई का विकल्प उपलब्ध करा सकती है। बिजली कटौती या डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण अक्सर किसान समय पर फसलों की सिंचाई नहीं कर पाते हैं। सोलर पंप लगने के बाद बिजली आने का इंतजार या डीजल की व्यवस्था करने की परेशानी कम होगी। किसान जरूरत के अनुसार खेतों में पानी पहुंचा सकेंगे। ^सोलर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना की स्थापना के लिए विभाग से स्थलवार सूची मांगी गई है। सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी जाएगी। सूची के आधार पर योजना के तहत उपयुक्त स्थलों का चयन किया जाएगा। – गौतम कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी स्थापना से तीन साल तक रखरखाव की भी सुविधा जिला प्रशासन की ओर से योजना के लिए एजेंसी के चयन को लेकर निविदा जारी की जा चुकी है। योजना में इकाइयों की डिजाइन, इंजीनियरिंग, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के साथ तीन वर्षों तक व्यापक रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है। इससे स्थापित इकाइयों के लंबे समय तक संचालन में मदद मिलेगी।
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सौर ऊर्जा से खेतों तक पहुंचेगा पानी, प्रखंडों में सिंचाई इकाइयां बनेगी
