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सोनू हत्याकांड में हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं, मार्च निकाला:सहरसा में परिजनों ने डीआईजी को सौंपा मेमोरैंडम




सहरसा शहर के चर्चित सोनू कुमार हत्याकांड में घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को परिजनों एवं मोहल्लेवासियों ने पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ शहर में जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से नारेबाजी करते हुए कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय पहुंचे। वहां पीड़ित परिवार ने डीआईजी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई और सभी हत्यारोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की गुहार लगाई। “हत्यारे खुलेआम घूम रहे, प्रशासन सो रहा” के नारे प्रदर्शन मार्च के दौरान परिजनों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर “हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस-प्रशासन सो रहा है!”, “मेरे भाई के कातिलों को तुरंत गिरफ्तार करो, हमें न्याय दो!” तथा “अपराधियों को संरक्षण देना बंद करो” जैसे नारे लिखे थे। मार्च में बड़ी महिलाएं व युवा शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गंभीर धारा में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद स्थानीय थाना पुलिस आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। जमीन विवाद में की गई थी सोनू की हत्या डीआईजी को दिए गए आवेदन में मृतक सोनू के पिता रामलखन कामत (उम्र 65 वर्ष, निवासी- कहरा, वार्ड संख्या-14) ने बताया कि उनके 22 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार की बीते दिनों सुनियोजित साजिश के तहत निर्मम हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को ‘पोखर नाथ बाबा’ तालाब में फेंक दिया था। जब शव को बाहर निकाला गया, तो सोनू के नाक, कान और मुंह से खून बह रहा था। पीड़ित पिता के अनुसार, घटना का मुख्य कारण जमीनी विवाद है। स्थानीय दबंग बाहरी अपराधियों के सहयोग से उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। जब इसका विरोध किया गया, तो खुलेआम अंजाम भुगतने की धमकी दी गई और अंततः उनके पुत्र की जान ले ली गई। थाने में केस दर्ज, फिर भी पुलिस के हाथ खाली परिजनों ने बताया कि इस संबंध में सहरसा थाना में कांड संख्या 902/2024 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज है। प्राथमिकी में बटराहा व कृष्णानगर निवासी श्यामल पौद्दार, अजीत साह, नीतीश कुमार, आशीष पौद्दार, कुंदन गुप्ता, अरविन्द पौद्दार, कंचन साह और अनिल पौद्दार समेत अन्य को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पीड़ित परिवार को मिल रही खुलेआम धमकी ज्ञापन में पीड़ित पिता ने गंभीर आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम बाजार में घूम रहे हैं और परिवार को केस उठाने तथा जमीन पर कब्जा न छोड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या करने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों द्वारा यह भी दावा किया जा रहा है कि प्रशासन उनकी जेब में है। पीड़ित परिवार ने डीआईजी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दबंगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व न्याय दिलाने की मांग की है। डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने कहा की मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी



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