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सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में 20 जून को जहरीली स्प्रे निगलने के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले युवक दिनेश की मौत के मामले में करीब ढाई महीने बाद FIR दर्ज हुई है। मृतक के भाई प्रवेश कुमार ने आरोप लगाया था कि जमीन के विवाद को लेकर उसके भाई और भाभी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आरोपियों ने उसकी भाभी प्रीति को 9 जून को रोहतक के न्यू बस स्टैंड से जबरन अपने साथ ले जाकर करीब एक सप्ताह तक बंधक बनाकर रखा और दिनेश व प्रीति पर कानूनी कार्रवाई वापस लेने का दबाव बनाया। इसके बाद 20 जून को दिनेश ने घास मारने वाली जहरीली स्प्रे निगल ली। PGIMS रोहतक में उपचार के दौरान 21 जून की रात उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, मौत से पहले दिनेश ने PGIMS में हेड कॉन्स्टेबल विकास कुमार के सामने बयान भी दिया था, जिसमें उसने कथित प्रताड़ना और दबाव से जुड़े तथ्य बताए थे। पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं किए जाने पर भाई प्रवेश ने SDJM खरखौदा की अदालत में BNSS की धारा 175(3) के तहत इस्तगासा दायर किया। अब 9 सितंबर को खरखौदा थाना पुलिस ने इस्तगासा पर मुकदमा नंबर 508 दर्ज किया है। केस में BNS की धारा 108, 115(2), 351(3) और 3(5) लगाई गई हैं। केस को वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप शिकायतकर्ता प्रवेश के अनुसार, उसके भाई दिनेश की शादी झज्जर के गांव समासपुर माजरा निवासी प्रीति से हुई थी। प्रवेश की पत्नी मीना और दिनेश की पत्नी प्रीति ने आरोपी संदीप के खिलाफ पैतृक जमीन को लेकर झज्जर कोर्ट में सिविल केस किया हुआ है। आरोप है कि इसी केस को वापस लेने के लिए दिनेश और प्रीति पर ससुराल पक्ष के लोग लगातार दबाव बना रहे थे। शिकायत में दिनेश से पहले भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। 9 जून को प्रीति को बस स्टैंड से ले जाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, 9 जून को आरोपी प्रीति को रोहतक के न्यू बस स्टैंड से जबरन अपने साथ ले गए थे। इस संबंध में दिनेश ने अर्बन एस्टेट थाना रोहतक में शिकायत दी थी, जिस पर FIR नंबर 0136 दर्ज हुई थी। आरोप है कि प्रीति को करीब एक सप्ताह तक उसकी इच्छा के विरुद्ध रखा गया। इस दौरान दिनेश और प्रीति को धमकाने, मारपीट करने और कानूनी कार्रवाई वापस लेने का दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। 20 जून को जहरीली स्प्रे निगली, PGIMS में मौत प्रवेश ने शिकायत में बताया कि आरोपियों की कथित प्रताड़ना और दबाव के कारण उसका भाई मानसिक रूप से परेशान था। 20 जून की शाम करीब 5 से 6 बजे दिनेश ने घास मारने वाली जहरीली स्प्रे निगल ली। परिजन उसे सिविल अस्पताल खरखौदा लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे PGIMS रोहतक रेफर कर दिया। 21 जून की रात करीब 11:30 बजे उपचार के दौरान दिनेश की मौत हो गई। मौत से पहले पुलिस ने दर्ज किया था बयान शिकायत के अनुसार, 21 जून को हेड कॉन्स्टेबल विकास कुमार PGIMS रोहतक पहुंचे थे। यहां दिनेश ने उनके सामने बयान दिया था। प्रवेश का दावा है कि बयान में दिनेश ने अपने साथ हुई कथित प्रताड़ना, धमकी और दबाव के बारे में बताया था। बयान पर दिनेश के हस्ताक्षर होने की बात भी शिकायत में कही गई है। पुलिस ने नहीं की FIR, सिर्फ DD एंट्री की प्रवेश के अनुसार, 9 जुलाई को उसने खरखौदा थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस ने FIR दर्ज करने के बजाय 21 जून को DD एंट्री नंबर 17 धारा 194 BNSS के तहत दर्ज की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसमें उसके भाई की मौत से जुड़े कथित प्रताड़ना, धमकी और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर जांच नहीं की गई। हेड कॉन्स्टेबल और SHO पर धमकाने के आरोप शिकायत में प्रवेश ने पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि हेड कॉन्स्टेबल विकास कुमार ने उसे बार-बार थाने आने पर उसके खिलाफ ही भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने की धमकी दी। इसके बाद वह और उसके पिता SHO अनिल कुमार से मिले। आरोप है कि SHO ने भी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। DGP, SP से लेकर NHRC और CM विंडो तक शिकायत पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर प्रवेश ने 13 जुलाई को DGP हरियाणा, रोहतक रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, SP सोनीपत और ACP खरखौदा को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। इसके साथ ही NHRC में भी शिकायत की गई। 22 जुलाई को CM विंडो पर भी शिकायत दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन शिकायतों के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई। SDJM कोर्ट में दायर किया 175(3) BNSS के तहत इस्तगासा लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर प्रवेश कुमार ने SDJM खरखौदा की अदालत में BNSS की धारा 175(3) के तहत इस्तगासा दायर किया। इसमें आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दिनेश के बयान समेत सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज व मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में लेने की मांग की गई। अदालत में रखे गए बयान और मेडिकल रिकॉर्ड समेत कई साक्ष्य इस्तगासे में दिनेश का मूल बयान, सिविल अस्पताल खरखौदा और PGIMS रोहतक का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड, MLR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FSL/विसरा रिपोर्ट, DD एंट्री नंबर 17 और 9 जून की FIR समेत अन्य दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित कराने की मांग की गई थी। 9 सितंबर को इस्तगासा पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 9 सितंबर को इस्तगासा पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें BNS की धारा 108, 115(2), 351(3) और 3(5) लगाई गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड में बताया गया है कि CCTNS में धारा 115(2) BNS का विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण धारा 115 BNS दर्ज की गई। मुकदमे की स्पेशल रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से इलाका मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर सोनीपत, DCP वेस्ट सोनीपत और ACP खरखौदा को भेजी जा रही है।
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स्प्रे पीने से मौत मामले में ढाई महीने बाद FIR:भाई ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए; युवक ने बताया था प्रताड़ना का दर्द
