हरिद्वार हादसा: चंडीगढ़ के परिवारों को 5-5 लाख:एक को बचाने के लिए तीन साथी कूदे, गोताखोरों ने चारों को बाहर निकाला




हरिद्वार में गंगानदी में डूबने से जान गंवाने वाले चंडीगढ़ के चार युवकों के परिवारों को चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। प्रशासक ने शुक्रवार को मृतकों के परिवारों को सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला और दविदंर बबला भी मौजूद रहे। हादसे के बाद जब कटारिया मृतकों के घर पहुंचे थे, तब उन्होंने परिवारों को 5-5 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया था। दरअसल, चंडीगढ़ से कांवड़ लेने हरिद्वार गए चार दोस्तों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई थी। चारों अपने करीब 20 कांवड़ियों के दल के साथ हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर चंडीगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास हादसा हो गया था। एक को बचाने के लिए तीन साथी कूदे हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ था। जटवाड़ा पुल के पास दल के कुछ लोग रुक गए थे। इसी दौरान एक किशोर गंगनहर में नहाने के लिए उतर गया। तेज बहाव के कारण वह गहरे पानी में चला गया और दलदली मिट्टी में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी नहर में उतर गए। तेज बहाव के कारण चारों पानी में फंस गए और देखते ही देखते डूब गए। आसपास मौजूद अन्य कांवड़ियों ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी और पुलिस को सूचना दी। गोताखोरों ने चारों को बाहर निकाला सूचना मिलने के बाद जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने नहर में काफी देर तक तलाश अभियान चलाया। मशक्कत के बाद चारों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान शिवांशु (16), नीतीश, भरत और रोहित के रूप में हुई थी। ये सभी चंडीगढ़ के सेक्टर-30 और सेक्टर-29 के रहने वाले थे। इनमें तीन की उम्र 18 साल से कम बताई गई थी। हरिद्वार के लिए निकले थे परिवार के अनुसार, चारों युवक चंडीगढ़ से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। वे करीब 20 कांवड़ियों के दल के साथ गए थे। हरकी पैड़ी से गंगाजल भरने के बाद सभी वापस चंडीगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में जटवाड़ा पुल के पास कुछ साथी रुक गए और नहर में नहाने के दौरान यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया मृतकों के परिवारों से मिलने उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर दुख जताया था और परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। अब प्रशासक की ओर से परिवारों को 5-5 लाख रुपये के चेक सौंप दिए गए हैं। जहां हादसा हुआ नहाने की अनुमति नहीं हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने हादसे के बाद बताया था कि जटवाड़ा पुल के पास जिस जगह हादसा हुआ, वहां नहाने के लिए कोई अधिकृत घाट नहीं है। लोगों को पानी में उतरने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया था कि नहर के इस हिस्से में नीचे दलदली मिट्टी है, जिससे पैर फंसने का खतरा रहता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वे केवल अधिकृत और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।



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